कनीना। तप से आत्म शक्ति बढ़ती है इसलिए साधु संत समाज में खुशहाली अमन चैन तथा शांति के लिए तप करते हैं। उक्त विचार बाबा गहलानाथ आश्रम कपूरी गांव में 41 दिवसीय पंच धूनियों के बीच बैठकर तपस्या कर रहे संत बाबा हरिदास ने श्रद्धालुओं से कहे। उन्होंने कहा कि साधु संत परमार्थ के लिए शरीर धारण करते हैं। हमें दस इंद्रियों को काबू में करके लक्ष्य प्राप्ति के लिए धर्म पूर्वक परहित के लिए कार्य करना चाहिए। प्रमुख समाजसेवी ठाकुर अतरलाल ने बाबा हरिदास के सदकार्यों की सराहना की। रामपाल नंबरदार व मनोहरलाल पंच ने कहा कि बाबा हरिदास गत 25 अप्रैल से पंच धुनियों के बीच बैठकर तपस्या कर रहे हैं। इस अवसर पर मोहन सिंह रामबास, वेदप्रकाश, हिमांशु, आशीष, लक्ष्मण सिंह, पवन सिंह, रामपाल नंबरदार, मनोहरलाल, सुबेदार गुमान सिंह, प्रेम, चंपा, अमर, बाला देवी, गुड्डी देवी, संतरा, अनिता, संतोष, शिमला, सुमित्रा, अंतर, नवल, पुष्पा, विद्या, सावकौर, मीना, राजदुलारी, मूर्ति, कैलाश सेठ, नरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह मौजूद रहे।