नारनौल। रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित एटक के राज्य प्रधान ओमप्रकाश ग्रेवाल, राज्य महासचिव जयबीर घनघस व नारनौल डिपो प्रधान अनिल भीलवाड़ा ने प्रेस के नाम जारी बयान में बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया है। बिल का यूनियन चालक ने विरोध जताया है। इसके लागू होने से देशभर का चालक बर्बाद हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिल में यह प्रावधान किया है कि वाहन चालक की ओर से घायल व्यक्ति को अस्पताल तक इलाज के लिए पहुंचाना होगा। अगर वाहन चालक की ओर से घायल व्यक्ति को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया तो वाहन चालक को 10 साल की सजा व दस लाख रुपये जुर्माना होगा। देश भर के चालक इस बिल का विरोध कर रहे हैं। अगर चालक घायल व्यक्ति को मानवता के तौर पर अस्पताल में ले जाता हैं तो उसको डर होता हैं कि वहां मौजूद आक्रोशित जनता उसे जान न मार दे। अगर वाहन चालक मौके से भाग कर किसी प्रकार से अपनी जान बचाता है तो उसे अब नया कानून के तहत 10 साल की सजा व 10 लाख जुर्माना लगने से वह मर जाएगा। संवाद