फोटो संख्या:76-सिंचाई विभाग में बोरवैल का शुरू किया गया कार्य--स्रोत--स्वयं
महेंद्रगढ़। नहर विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश पर सिंचाई विभाग के पुराने बोरवेल की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। बोरवेल की मरम्मत होने के बाद आठ माह से पेयजल की समस्या से परेशान नहर कालोनी के 20 से अधिक परिवारों व स्टाफ सदस्यों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
नहर कालोनी के 20 परिवारों व विभाग के भवन में रहने वाले 30 से अधिक विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों को पेयजल के लिए आठ माह से परेशानी उठानी पड़ रही थी। कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य खरीदकर पानी पी रहे हैं। पिछले सप्ताह पेयजल समस्या को लेकर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता व कर्मचारियों के विवाद हो गया था। वहीं विभाग के एसई व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव को शिकायत दी थी। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मैकेनिकल डिवीजन महेंद्रगढ कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव की पेयजल समस्या दूर करने की जिम्मेदारी लगाई गई थी। कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव ने कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए दो दिन में ही बोरवेल की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया है।
कर्मचारियों ने जताया आभार
लंबे समय पेयजल संकट का सामना कर रहे स्टॉफ सदस्यों व उनके परिवार के सदस्यों ने बोरवेल की मरम्मत का कार्य शुरू होने पर विभाग के उच्च अधिकारियों व सिंचाई मंत्री का आभार व्यक्त किया हैं। कर्मचारियों ने सिंचाई मंत्री सहित चीफ इंजीनियर राकेश चौहान, डब्लूआर विभाग के चीफ इंजीनियर डॉ. एसएस कादयान, चीफ इंजीनियर एलसीयू बीएस नाड़ा, मिकाड़ा विभाग के चीफ इंजीनियर एसके यादव व मैकेनिकल विभाग के कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव का आभार व्यक्त किया हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर अन्य अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता के लेते तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।
कार्यकारी अभियंता के खिलाफ रणनीति की तैयार
कर्मचारी नेताओं की ओर से कार्यकारी अभियंता के खिलाफ रणनीति तैयार कर ली हैं। आचार संहिता हटने के बाद कर्मचारी कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सिंह सिहाग के खिलाफ जिला स्तरीय आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी अगर कार्यकारी अभियंता के व्यवहार के बदलाव नहीं आता है तो कर्मचारी राज्य स्तरीय हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों ने काम छोड़ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।