महेंद्रगढ़। शहर में बारिश का पानी दूसरे दिन कुछ स्थानों पर खड़ा रहा। इसके अलावा जगह-जगह कीचड़ जमा रही। प्रशासन की ओर से पानी को कम करने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। न ही शहर में विभिन्न स्थानों पर पड़ी कीचड़ को उठाने का काम किया गया। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भी अधिकारी कार्यालय में बैठे रहे। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक नालों और सीवर की सफाई तक नहीं करवाई जबकि मानसून का दौर शुरू हो चुका है।
सोमवार को क्षेत्र में इंद्र देवता डेढ़ घंटे तक जमकर बरसे। इस दौरान पूरा शहर में पानी पानी हो गया था। कई हिस्सों का पानी अपने आप चला गया तो कई क्षेत्र में पानी कम अवश्य हुआ लेकिन आज भी खड़ा हुआ है। मंगलवार को शहर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। इस दौरान गंगा देवी पांडेय आंखों का अस्पताल, अनाज मंडी, रिवासा फ्लाईओवर से रेलवे रोड, सतनाली चौक आदि स्थानों पर पानी भरा रहा। इसके अलावा विश्वकर्मा चौक, मोहल्ला महायचान, सब्जी मंडी, स्टेट हाईवे 148बी आदि स्थानों पर कीचड़ जमा था। वाहन चालकों को पानी में से ही गुजरना पड़ रहा था। इसके अलावा बाजारों में कीचड़ की वजह से फिसलन बनी हुई थी जिससे लोग डरते-डरते कदम रख रहे थे। दूसरे दिन भी अधिकारियों ने पानी को बाहर निकालने के कोई प्रयास नहीं किए गए। इससे प्रतीत होता है कि प्रशासन को जन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं हैं।
शहर में नहीं बिछाई गई बरसाती पाइप लाइन
नगरपालिका एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से शहर में कहीं भी बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। कमाल की बात यह है कि यह समस्या हर वर्ष सामने आती है उसके बाद भी अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। लोगों ने सीवर में ही नालियों के कनेक्शन किए हुए हैं। जनसंख्या के हिसाब से सीवर लाइन भी छोटी जिससे आए दिन सीवर ओवरफ्लो हो जाते हैं। अगर शहर की मुख्य मार्गों में बारिश के पानी की निकासी लाइन बिछा दी जाए तो काफी हद तक जलभराव को रोका जा सकता है।
नहीं की सीवर एवं नालों की सफाई:
शहर में जलभराव का दूसरा कारण यह भी है कि मानसून शुरु हो गया लेकिन अभी तक नगरपालिका की ओर से नालों की सफाई नहीं करवाई गई है। बारिश होने पर नाले का सारा पानी सड़कों पर आ जाती है। इसी प्रकार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी सीवरों की सफाई नहीं करवाई जिससे पानी का ठीक से निकास नहीं हो पाता। इससे सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ जाता है।
गंगादेवी पांडेय अस्पताल के सामने पानी भरने की शहर की मुख्य समस्या है। इसको लेकर आज हमने जेई और एमई को भेजा था। वर्तमान में इसका समाधान कोई दिखाई नहीं दे रहा लेकिन मानसून के बाद जलभराव से निजात के लिए कोई स्थायी समाधान अवश्य निकालेंगे।
-रमेश सैनी, नगरपालिका चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।