अनाज मंडी कनीना में निजी खरीद एजेंसियों द्वारा 2030 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब बाजरा खरीद होने पर किसानों में भी खुशी है। उपज के अच्छे भाव मिलने के कारण किसान भी मंडी पहुंचकर अपनी उपज बिक्री कर रहे हैं। मंडी में प्रतिदिन औसतन 700 क्विंटल बाजरे की खरीद निजी एजेंसियों द्वारा की जा रही है। गत अक्तूबर माह में कनीना मंडी में 40 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हुई थी। वहीं सरकार द्वारा भी पंजीकृत किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 450 रुपये देने की घोषणा की हुई है। ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल के हिसाब से 2030 रुपये व्यापारी एवं 450 रुपये सरकार से मिलने के बाद 2480 रुपये उपज का दाम मिल रहे हैं। ईनेम पोर्टल पर गेटपास जारी होने के बाद किसान मनमर्जी से आढ़ती के पास पहुंचकर अपनी उपज बिक्री करता है। मार्केट कमेटी मंडी सुपरवाइजर अशोक कुमार ने बताया कि निजी खरीद कार्य चल रहा है किसान सुविधा अनुसार आकर यहां पर बाजरे की बिक्री कर सकते हैं। गेट पास ई नेम पोर्टल से जारी किए जा रहे हैं और वर्तमान में 23 हजार क्विंटल बाजरे की निजी खरीद की जा चुकी है। किसानों को बाजरे की फसल का अच्छा दाम मिल रहा है वर्तमान में निजी खरीद के तहत 2030 रुपये किसानों को प्रति क्विंटल के हिसाब से मिल रहे हैं। वहीं किसानों द्वारा भी इस बार भाव 2500 रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
किसान को मिल रहा निजी खरीद से लाभ
वर्तमान में निजी खरीद एजेंसियों द्वारा किसानों का बाजरा 2030 रुपये तक खरीदा जा रहा है। साथ ही पंजीकृत किसानों को 450 रुपये भावांतर योजना के तहत मिल रहा है। इसके हिसाब से 2480 रुपये किसान की उपज बिक्री हो रही है जिससे किसान भी खुश है।
-रविंद्र बंसल, प्रधान, व्यापार मंडल।
निजी खरीद से किसानों को मिल रहा लाभ
निजी खरीद एजेंसियों द्वारा कनीना अनाज मंडी में किसानों का बाजरा खरीदा जा रहा है। इस वक्त करीबन 700 क्विंटल बाजरा प्रतिदिन आ रहा है। किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है। 2030 क्विंटल के हिसाब से अधिकतम बाजरा खरीदा जा रहा है।
- दीपक गुप्ता व्यापारी, अनाज मंडी, कनीना।
निजी खरीद से दूर हुई परेशानी
बाजरा बिक्री को लेकर सरकारी खरीद बंद होने के बाद किसान उपज बिक्री के लिए परेशान थे। लेकिन मंडी में निजी खरीद शुरू होने से अब उन्हें भी परेशानी नहीं होगी। अपने हिसाब से दिन तय कर मंडी में किसान आ सकता है। आसान प्रक्रिया के चलते समय भी नहीं लग रहा है। वहीं व्यापारियों द्वारा तय रेटों के अनुसार भुगतान भी समय से किया जा रहा है।
-किसान रामकिशन, कोका।
किसान को नहीं उठानी पड़ेगी परेशानी
सरकारी खरीद के दौरान किसानों को रात को ही अपने ट्रैक्टर में बाजरा लेकर लाइन में लगना पड़ता था लेकिन अब निजी खरीद एजेंसियों द्वारा बाजरा खरीदा जा रहा है। किसान को कोई लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में 2030 रुपये तक बाजरा खरीदा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ भावांतर योजना के पैसे भी सरकार ने देने की घोषणा की है इसलिए किसानों की चांदी हो रही है।
-किसान रोहतास, रामबास।