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प्राकृतिक खेती का मॉडल गांव तैयार करें अधिकारी : धर्मवीर सिंह।

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अधिकारियों की बैठक लेते सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह। - फोटो : Narnol
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नारनौल। खेती की लागत कम करने के लिए जैविक खेती ही उपाय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विषय पर विशेष फोकस कर रहे हैं। खेती को मुनाफा का सौदा बनाने और खाद्यान्न को जहर से मुक्त करने के लिए कृषि अधिकारी एक-एक गोशालाओं को गोद लेकर जैविक खेती का मॉडल तैयार करें। ये बातें भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने शुक्रवार को हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित दिशा (डिस्ट्रिक डेवलपमेंट कोआर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) की बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहीं।
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सांसद ने कहा कि राज्य सरकार ने भी कुरुक्षेत्र में जैविक खेती को लेकर पिछले दिनों कृषि अधिकारियों का प्रशिक्षण करवाया था। अब ये अधिकारी गोशालाओं में जाकर किसानों व गोशाला संचालकों को प्रशिक्षित करें। इससे गोशालाओं की आमदनी बढ़ेगी और किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित भी किया जा सकेगा। अधिकारी किसी एक गांव को प्राकृतिक खेती का मॉडल गांव तैयार करें। खेती में अधिक रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग होता है जिससे छोटे किसान के पास कम जोत में अत्यधिक लागत लग रही है। साथ ही जल, भूमि, वायु प्रदूषित हो रहा है। खाद्यान्न भी जहरीले हो रहे हैं। अधिकारी यह लक्ष्य बनाकर चले कि आगामी 25 साल में देश को किस दिशा की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि जिले में चार व तीन करम से कम चौड़ाई वाली सड़कें पक्की कराई जाएं। 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को अपने ही खेत में मनरेगा के तहत कार्य करने के लिए पंजीकृत करवाएं।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले के 99 गांव में घर-घर जाकर कूड़ा उठाया जा रहा है। गांवों से हर माह लगभग तीन हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा किया जा रहा है। गांव कटकई में बनने वाला यह प्रोजेक्ट अब बिहाली की गोशाला में बनाया जाएगा। वहां पर पर्याप्त मात्रा में गोबर भी उपलब्ध रहेगा। यह प्रोजेक्ट लगभग 104 लाख रुपये का है। एक्सपर्ट टीम की राय के बाद यह फैसला लिया गया है। वहां से बनने वाली गोबर गैस को पाइपलाइन के जरिए गांव तक पहुंचाया जाएगा।
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सांसद ने पीएम आवास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि की समीक्षा की। आम जन की शिकायतें भी सुनीं। बैठक में विधायक राव दान सिंह, उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर, अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया, चेयरपर्सन कमलेश सैनी, अटेली के चेयरमैन नितिन, कनीना के चेयरमैन सतीश जैलदार तथा नगरपालिका महेंद्रगढ़ के चेयरमैन रमेश सैनी मौजूद रहे।
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स्वयं सहायता समूह को ई प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने पर विचार
सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक स्वरोजगार सृजित करने पर जोर दिया। बैठक में कुलपति प्रो टंकेश्वर कुमार भी मौजूद थे। सांसद ने जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वयं सहायता समूह को उनका उत्पाद बेचने के लिए ई प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएं। कुलपति से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय में भी स्वयं सहायता समूह को ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएं जिनके माध्यम से इनके उत्पाद की बिक्री हो। केंद्रीय विश्वविद्यालय में फूड प्रोसेसिंग से संबंधित उत्पादों के लिए इन्हें प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जा सकता है। कहा कि धीरे-धीरे इन स्वयं सहायता समूह को आर्थिक तौर पर मजबूत किया जाएगा ताकि वे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार भी दे सकें।
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