शहर के अधिकतर सार्वजनिक शौचालयों की हालत दयनीय बनी हुई है तो कुछ शौचालयों पर ताला लटका हुआ है। जिस कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है। सबसे अधिक परेशान बाजार में आने-जाने वाली महिलाओं को होती है। हालांकि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई करवाकर मरम्मत आदि करवाई थी लेकिन नियमित देखभाल नहीं होने के कारण शौचालयों की हालत पहले जैसी हो गई है। इस कारण शौचालयों में फैली गंदगी के कारण लोगों इनका उपयोग करने से परहेज करते हैं।
शहर के बाजारों व विभिन्न मोहल्लों में 60 के करीब शौचालय है। इनमें कुछ स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखवाएं गए है तो कुछ जगह पर स्थायी शौचालयों हैं मगर अधिकतर शौचालयों में पानी का कनेक्शन नहीं है तो कुछ शौचालयों की शीट टूटी पड़ी है। यहीं नहीं कुछ शौचालय सही स्थिति में है लेकिन उनकी नियमित साफ-सफाई नहीं होने से दिनभर बदबू आती है। वहीं शहर के मुख्य बाजार में कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है जिस कारण न केवल दुकानदारों को बल्कि बाजार में आने-जाने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शहर में इन स्थानों पर है शौचालय
नगर परिषद नारनौल द्वारा शहर में महेंद्रगढ़ रोड स्थित आईटीआई के पास, नगर परिषद नारनौल, लोक निर्माण विश्राम गृह के सामने, महिला आईटीआई के पास, टीबी अस्पताल के पास, महिला कॉलेज के पास, महावीर चौक, बस स्टैंड के बाहर स्थायी शौचालयों का निर्माण करवाया है। इसके अलावा मोहल्ला ढिंढासर, रेलवे रोड, किला रोड, नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क सहित विभिन्न मोहल्लों में मोबाइल टॉयलेट रखवाए गए हैं।
नियमित सफाई के अभाव में शौचालयों में पसरी गंदगी
नगर परिषद प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शहर के विभिन्न स्थानों पर शौचालयों का निर्माण करवाया है मगर इन शौचालयों की नियमित देखभाल व साफ-सफाई के लिए नप प्रशासन द्वारा किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं लगाई है जिस कारण इन शौचालयों की हालत काफी दयनीय बनी हुई है। इन शौचालयों में दुर्गंध आती है। इन शौचालयों का उपयोग करने से परहेज करते हैं।
मुख्य बाजार व सिंघाना रोड पर नहीं है शौचालय की व्यवस्था
नगर परिषद द्वारा विभिन्न स्थानों पर शौचालयों की व्यवस्था की है लेकिन मुख्य बाजार व सिंघाना रोड पर शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि बाजारों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग खरीदारी व अन्य कार्य के लिए आवागमन करते हैं मगर दोनों स्थानों पर शौचालयों की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि बाजार के दुकानदारों द्वारा कई बार नगर परिषद प्रशासन से बाजार में शौचालय की व्यवस्था करने की मांग कर चुका है।