नारनौल। पुलिस लाइन में सोमवार को पुलिस झंडा दिवस व पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर सुबह 8 बजे शहीद जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने देश में अपने कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही डीएसपी और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पुलिस लाइन में मौजूद अमर जवान स्मारक पर शहीदों को याद कर सलामी भी दी गई। इस दौरान एसपी ने शहीद सूबे सिंह की पत्नी कौशल्या देवी और शहीद रघुनंदन की पत्नी कृष्णा देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
इस साल 214 अधिकारी-कर्मचारी हुए शहीद
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने 1 सितंबर 2023 से 31 अगस्त 2024 तक पूरे देश में पुलिस विभाग के जितने अधिकारी-कर्मचारी शहीद हुए हैं या ड्यूटी के दौरान देहांत हो गया, उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस साल पूरे देश में 214 अधिकारी-कर्मचारी शहीद हुए हैं, जिनके नामों का वचन कर श्रद्धांजलि दी गई।
बलिदान को याद करते हुए मनाया जाता है ये दिवस
देश में सुरक्षाबलों के साथ साथ पुलिसकर्मियों के शौर्य और बलिदान का इतिहास भी किसी से कम नहीं है। साल 1959 में पुलिसकर्मी चीनी सैनिकों की गोलियां सीने पर खाकर शहीद हुए थे। देश की सेवा के लिए सैनिकों ने जो बलिदान दिया था, उसी की याद में हर साल ये पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
21 अक्टूबर 1959 को 10 पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया था। उस वक्त तिब्बत के साथ भारत की 2,500 मील लंबी सीमा की निगरानी भारतीय पुलिस के हवाले थी। 20 अक्तूबर को पुलिसकर्मियों की एक टोली लापता हो गई थी। अगले दिन उनकी तलाश में एक दूसरी टुकड़ी निकली। इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी थे। जब ये टुकड़ी अपने लापता साथियों की तलाश कर रही थी, उस वक्त चीनी सैनिकों ने पहाड़ी से गोलियां चलाना शुरू कर दिया। भारतीय पुलिसकर्मी निहत्थे थे। इस हमले में 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।