नारनौल। क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। गत दस दिनों में एक्यूआई स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को नारनौल क्षेत्र का एक्यूआई स्तर 195 दर्ज किया गया।
नारनौल में एक्यूआई का स्तर 200 का आंकड़ा छूने वाला है, जो चिंताजनक विषय है। हर वर्ष अक्तूबर और नवंबर में वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है क्योंकि इन दिनों नमी के कारण प्रदूषित कण लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। महेंद्रगढ़ जिले में अन्य हिस्सों में जलाई गई पराली का असर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है।
स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
बढ़ते वायु प्रदूषण से अस्थमा, कैंसर, त्वचा रोग और आंखों में खुजली जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। वातावरण में व्याप्त वायु प्रदूषण को सांस के माध्यम से शरीर के अंदर रक्तप्रवाह में प्रवेश करते हैं और खांसी या आंखों में खुजली पैदा कर देते हैं। वहीं श्वास और फेफड़ों की बीमारियों का कारण भी बन जाता है। वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक है कि घरों में वायु संचालन की उचित व्यवस्था हो या एयर प्यूरीफिकेशन लगा होना चाहिए। वहीं घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क का प्रयोग करें और पूरी बाजू के कपड़े पहन कर ही घर से बाहर निकलें।
सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी होगी, जिसके बाद क्षेत्र में तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ सकती है। बुधवार को नारनौल और महेंद्रगढ़ का दिन और रात का तापमान क्रमश: 35.5 व 19.4 डिग्री सेल्सियस और 36.5 व 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
10 दिन में एक्यूआई स्तर
15 अक्तूबर- 82
16 अक्तूबर- 106
17 अक्तूबर- 68
18 अक्तूबर- 80
19 अक्तूबर- 63
20 अक्तूबर- 131
21 अक्तूबर- 177
22 अक्तूबर- 153
23 अक्तूबर- 195
ऐसे मापा जाता है प्रदूषण का स्तर
-0 से 50 का स्तर सबसे बेहतर
-51 से 100 का स्तर मध्यम
- 101 से 200 का स्तर खराब
- 201 से 300 का स्तर हानिकारक
- 301 से 400 का स्तर गंभीर हानिकारक
- 401 से 500 का स्तर सबसे ज्यादा खतरनाक
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण चिंता का विषय है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। मैदानी राज्यों और पड़ोसी देश पाकिस्तान के पंजाब राज्य में पराली जलाने की घटनाओं के कारण वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नारनौल में एक्यूआई का स्तर बुधवार को 194 दर्ज किया गया जो वायु गुणवत्ता के खराब स्तर को प्रदर्शित करता है।
डॉ. चंद्रमोहन, नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब, राजकीय महाविद्यालय, नारनौल।