नारनौल। पुरानी अनाज मंडी में जनसुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां न तो कोई मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था है और न ही सफाई व्यवस्था का कोई इंतजाम है।
आढ़ती, दुकानदार, किसान व आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह लगे कूड़े व गंदगी के ढेर से आने वाली दुर्गंध से हाल बेहाल हो रहा है। साथ ही पुरानी मंडी की सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है। लगभग दो साल पहले पुरानी मंडी परिसर में स्थित मार्केट कमेटी के दफ्तर को नांगल चौधरी रोड पर मौजूद नई अनाज मंडी में शिफ्ट किया गया था। उसके बाद तो यहां के हालात और भी बदतर हो गए हैं। यहां पर रोजाना काफी तादाद में लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दुकानदारों में रोष
पुरानी मंडी परिसर में दुकानदारों व आमजन के लिए बनाए गए सुलभ शौचालय की हालत भी इतनी बुरी हो चुकी है कि इनका प्रयोग करना तो दूर, इनके पास से गुजरना भी मुश्किल है। सफाई व्यवस्था व रख रखाव के अभाव में इनकी दुर्दशा होती जा रही है। गौर करने वाली बात ये भी है कि जहां अनाज का कारोबार होता है, वहीं गंदगी पसरी हुई है। साथ ही शौचालय के पास लगे गंदगी के ढेर से यहां के आढ़ती व दुकानदारों के साथ आमजन में भी भारी रोष व्याप्त है।
सफाई कर्मचारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारी को डिमांड भी भेजी हुई है। फिलहाल हमारे पास दो ही सफाई कर्मचारी हैं और उनकी ड्यूटी भी अलग अलग जगहों पर लगाई हुई है। नए कर्मचारी मिलने के बाद किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
नुकुल यादव, सचिव मार्केट कमेटी नारनौल।
अनाज मंडी में कूड़ादान लगवाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कूड़ादान भी नहीं रखा गया है। अब इस संबंध में दोबारा मार्केट सचिव से मुलाकात करेंगे।
रामजीलाल मित्तल, प्रधान दी खाद्यान्न व्यापार एसोसिएशन नारनौल।