नारनौल। लिपिकों की हड़ताल के कारण राजस्व के काम प्रभावित हो रहे हैं। रजिस्ट्री नहीं हो रही है। इस पर डीसी मोनिका गुप्ता ने राजस्व कार्यों के लिए पटवारियों के सर्कल बदलकर उनकी ड्यूटी लगा दी है। 24 पटवारियों को उनके नए सर्कल के अलावा अतिरिक्त गांव की जिम्मेदारी दी गई है जबकि तीन पटवारियों को नए सर्कल की जिम्मेदारी दी गई है। इससे उम्मीद है कि मंगलवार से राजस्व के काम शुरू हो जाएं।
जिले के सभी विभागों के लिपिक लघु सचिवालय पार्क परिसर में सोमवार को भी धरने पर बैठे रहें। इस दौरान धरना स्थल पर हवन व पूजा पाठ की गई ताकि सरकार जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरी कर दे। जिला प्रधान दिनेश कुमार ने कहा कि जब तक वेतनमान की मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक सभी विभागों के लिपिक धरना स्थल पर डटे रहेंगे। प्राकृतिक आपदा के समय में सभी लिपिक अपना सहयोग तन मन और धन से करने के लिए तैयार है। मंच का संचालन सुरेश राजपूत ने किया। उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर बैठे 13 दिन हो गए है, परंतु सरकार द्वारा उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। उनका उद्देश्य जनमानस को परेशान करना नहीं है, सरकार उन्हें मजबूर कर रही है। इस मांग के लिए एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, जिला उपायुक्तों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी मांगों को लेकर बातचीत नहीं कर रही हैं। प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत लिपिकीय वर्ग पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। अमृत सिंह व उनकी भजन मंडली ने भजनों के माध्यम से सभी लिपिकों का मनोरंजन किया और भजनों के माध्यम से सरकार से मांग की। वहीं लिपिकों के हड़ताल पर जाने से आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। तहसील में रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा ई दिशा केंद्र में भी न तो नए लाइसेंस बन रहे हैं और न ही अन्य काम हो रहे हैं। इसी प्रकार से पेंशन विभाग में नई पेंशन भी नहीं बन पा रही है। नगर परिषद में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सेवाएं भी बाधित हैं।