फोटो संख्या:66- महेंद्रगढ़ पटवारी घर में लोगों के कार्य करता पटवारी एसोसिएशन के प्रधान सुनील तं
महेंद्रगढ़।। पटवारियों की 39 दिनों तक चली हड़ताल के बाद सोमवार से काम पर लौटने से लोगों ने भी राहत की सांस ली। पहले ही दिन पटवारी कार्यालय में लोग अपने कार्यों करवाते नजर आए।
3 जनवरी से शुरू हुई हड़ताल 37 दिनों तक जारी रही। इस दौरान करीब 50 हजार लोगों के कार्य लंबित रहे। पहले ही दिन जिलेभर से प्रदेश सरकार को करीब 12 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ साथ ही 700 लोन की फाइलों, 500 से अधिक दस्तावेजों व एक हजार से अधिक नकल की लंबित फाइलों पर प्रक्रिया शुरू की गई।
पटवारी एसोसिएशन के प्रधान सुनील तंवर ने बताया कि पिछले 37 दिन दी रेवेन्यू पटवारी व कानूनगों की अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उनकी मांगें मानने के बाद सोमवार को सभी पटवारी अपने कार्य पर लौट गए। पहले दिन जिलेभर में 31 रजिस्ट्री हुई। साथ ही तहसील कार्यालयों में पहले ही दिन 700 लोन की फाइलों पर काम तथा इसके अलावा 500 से अधिक रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों पर कार्य किया गया। एक हजार से अधिक लोगों ने नकल निकलवाई गई। पहले दिन अटेली में 29 व नारनौल में दो रजिस्ट्री हुई। जबकि महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी तथा सतनाली में कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि हड़ताल के बाद पहले दिन जिले से 12 लाख रुपये का राजस्व हुआ है।
बता दें कि दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की 3 जनवरी से धरने पर बैठे पटवारी 37 दिन तक धरने पर रहे। धरने पर रहने की वजह से जिले में करीब 25 से 30 करोड़ रुपये का राजस्व को नुकसान हो गया है। पटवारी हड़ताल पर होने से जिले के करीब 50 हजार लोगों के कार्य भी अटक गए थे। एसोसिएशन की हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। सोमवार से महेंद्रगढ़ जिले में 55 पटवारी, 11 काननूगो व पांच कार्यालय कानूनगो ने कार्य शुरु कर दिया।