महेंद्रगढ़। नागरिक अस्पताल में जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्लांट के लिए फाउंडेशन तैयार किया जा चुका है। गाजियाबाद से ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें भी मंगलवार को आ गई हैं। अब प्लांट की मशीनों के साथ आए इंजीनियर चार पांच दिनों में सेट कर देंगे। अधिकारियों की मानें तो लगभग एक महीने में प्लांट शुरू हो जाएगा। प्लांट से एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। स्वास्थ्य विभाग को बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कोविड के समय मरीजों के लिए ऑक्सीजन की काफी जरूरत पड़ी थी। उस दौर में ही लोगों को, स्वास्थ्य विभाग और सरकार को ऑक्सीजन का असली महत्व समझ में आया था। कोविड में सरकार की ओर से जिले में नारनौल, महेंद्रगढ़ एवं कनीना में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने की घोषणा की थी। नारनौल और कनीना में यह प्लांट पहले ही स्थापित किया जा चुका है। अब महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में इस पर काम चल रहा है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार हो गया है। मंगलवार को गाजियाबाद से मशीन एवं मशीन के उपकरण भी आ गए हैं। मशीन एवं उनके उपकरणों को क्रेन के माध्यम से उतारा गया है। ऑक्सीजन प्लांट में एक बड़ा सिलिंडर लगा दिया गया है और एक महीने में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा।
-
ऑक्सीजन प्लांट से वार्डों तक बिछाई जाएगी पाइपलाइन
वर्तमान में अस्पताल के अंदर आपातकालीन वार्ड और लेबर रूम में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछी हुई है। इनका कनेक्शन ऑक्सीजन सिलिंडर से किया गया है, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट चालू होने के बाद वार्डों तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। प्लांट का कनेक्शन सीधा पाइप लाइन से होगा। प्लांट का लोड अधिक होने की वजह से अलग से बिजली का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाएगा। जिसके लिए बिजली विभाग को अप्लाई किय जाएगा।
प्रतिमाह होते हैं 15 से 20 बड़े सिलिंडर खर्च
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा नहीं होने की वजह से बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ते हैं। अस्पताल में प्रतिमाह 15 से 20 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत हो जाती है।ऑक्सीजन प्लांट लगने से अस्पताल में आने वाले मरीजों और एंबुलेंस को हर समय ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। ऑपरेशन, सांस के मरीजों और अस्पताल में आने वाले मरीजों को फायदा मिलेगा।
वर्जन:
लगभग एक करोड़ रुपये से ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को मशीनें भी आ गई हैं। उम्मीद है कि एक महीने के अंदर तक शुरू किया जा सकता। -
डॉ. मोनू यादव, कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।