वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करती महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया । संवाद
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नारनौल। हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने बुधवार को दौरा कर वन स्टॉप सेंटर (सखी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में वन स्टॉप सेंटर कारगर सिद्ध हो रहे हैं। अब सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर भवन एक ही डिजाइन में बनाए जाएंगे।
भाटिया ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर योजना मूल रूप से (सखी) के नाम से जानी जाती है। इस योजना को महिला और बाल विकास मंत्रालय ने तैयार किया है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में वन स्टॉप सेंटर खोले हैं। इन सेंटरों पर किसी भी तरह की हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए अस्थायी ठहराव के अलावा कानूनी व चिकित्सा सहायता भी दी जा रही है। कहा कि नारनौल में वन स्टॉप सेंटर के भवन के लिए लघु सचिवालय में भू-खंड का चयन किया गया है। भवन बनने के बाद यहां भी सेंटर को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। कहा कि धीरे- धीरे सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर के लिए अलग भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों में महिलाएं अपने आप को और अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
बताया कि नारनौल के वन स्टॉप सेंटर में हर महीने 30 से 40 पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करवा रही हैं। घरेलू हिंसा के मामले में उन्हें पुलिस सहायता तथा कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। अस्थायी तौर पर ठहरने के लिए 5 दिन तक के लिए सेंटर में व्यवस्था की गई है। वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के बाद उन्होंने लघु सचिवालय के पीछे इस केंद्र के लिए चयनित की गई जमीन का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने लघु सचिवालय स्थित बैठक हाल में 13 मामलों की सुनवाई की। इसमें वादी तथा प्रतिवादी दोनों को बुलाया गया था। मामलों की जांच कर रहे सभी जांच अधिकारियों से जानकारी ली गई। उनमें से ज्यादातर मामलों का समाधान कर दिया गया। तीन मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं तथा एक मामले की दोबारा से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग की ओर से 10 दिन पहले दोनों पक्षों को फोन पर सूचना दी जाती है ताकि वे सही समय पर पहुंचकर अपना मामला रख सकें। इस दौरान दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामलों का निपटारा किया जाता है। इस दौरान डीएसपी कनीना राजीव, डीपीओ संगीता यादव, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की इंचार्ज वंदना यादव, पंचकूला से आई टीम में शामिल पूजा, अंजू व हनी मौजूद रहीं।