नारनौल। ईश्वर नगर में किराये पर कमरा लेने के बहाने एक युवती और दो युवक अंदर घुस गए और घर में अकेली महिला को बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, मोबाइल, स्कूटी लूट ले गए। दो आरोपी बाहर निगरानी कर रहे थे। वारदात के समय महिला घर पर अकेली थी और उनका पति जयपुर किसी फ्लैट को बेचने के सिलसिले में गया हुआ था। किसी तरह महिला बाहर पड़ोसियों के पास पहुंची। पड़ोसियों ने महिला के मुंह से कपड़ा और टेप हटाई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने महिला के पति की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
राजस्थान के जिला झुंझुनू के खेतड़ी तहसील स्थित ढोसी गांव निवासी मिशन सिंह ने पुलिस में शिकायत दी है कि वह सेना से सेवानिवृत है। पिछले 23 वर्ष से वह अपने परिवार के साथ निजामपुर रोड वार्ड नंबर 27 ईश्वर काॅलोनी में रहता है। 19 जून की सुबह वह फ्लैट बेचने के सिलसिले में जयपुरा गया था। उनकी पत्नी मणि देवी घर पर अकेली थी। इसी दौरान सुबह 10.30 के आसपास उसके घर पर तीन लोग आए थे। इसमें एक युवती व दो युवक थे। यह लोग पांच दिन पहले भी उसके घर को किराये पर लेने के लिए आए थे लेकिन तब चले गए थे। उसके बाद फिर आए और घर किराये पर लेने की बात कही। इस दौरान वह अंदर आकर बैठ गए। उन्होंने पानी पीने के लिए मांगा। जैसे ही उनकी पत्नी पानी देकर वापस मुड़ी तो उनमें से एक युवक ने पत्नी को पकड़ लिया और सोफे पर गिरा गया। उसके हाथ बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद एक अन्य युवक बाहर से आया और उनकी पत्नी को चाकू दिखाकर सोफे पर बैठा दिया और जान से मारने की धमकी की। इस पर एक युवक ने आंखों पर पट्टी बांध दी। इसके बाद आरोपियों ने उसकी पत्नी के सोने के कानों के कुंडल, चांदी के पाजेब निकाल लिए। इसके बाद घर में रखे सोने चांदी के आभूषण व नकदी के अलावा आरोपी उनकी स्कूटी और मोबाइल भी ले गए। आरोपियों के जाने के बाद महिला किसी तरह बाहर आई और इसकी जानकारी पड़ोसियों को दी।
संदिग्ध लग रहा मामला, अज्ञात की कॉल आने पर पति जयपुर गया
शिकायतकर्ता मिशन सिंह ने बताया कि उसका एक फ्लैट मानसरोवर जयपुर में भी है। 11 जून को उसके पास एक अनजान व्यक्ति का काल आया तथा उसने अपना नाम आशीष सैनी वार्ड नंबर-18 मंडावा झुंझुनू राजस्थान बताया। उसने कहा कि वह उसका फ्लैट अच्छी कीमत पर बिकवा देगा और उसे 14 जून को जयपुर बुलाया। वह जयपुर गया। जयपुर पहुंचने के बाद उसने कहा कि उसकी माता का एक्सीडेंट हो गया है इसलिए वह नहीं मिल सकता है। इसके बाद 18 जून को शाम को उसी नंबर से फिर कॉल आया और उसने फ्लैट बिकवाने के लिए उसे जयपुर बुला लिया। वह 19 जून को जयपुर के लिए घर से निकल गया था। रास्ते में उसने आशीष सैनी को फोन मिलाया तो वह बंद आया। इस पर उसे शक हुआ तो उसने अपनी पुत्रवधू को फोन कर सारी बात बताई। उसकी पुत्रवधू ने नंबर सर्च किया तो वह नारनौल का निकला। इस पर मिशन सिंह रास्ते से ही वापस लौट आया, लेकिन तब तक आरोपी अपना काम करके जा चुके थे।
14 जून को भी घर पूछते पहुंचे थे युवक-युवती
आरोपी युवक-युवती 14 जून को भी मिशन सिंह के घर पर किराये के मकान को लेकर आए थे। उस समय किसी युवक से दोनों ने पता पूछा था। युवक उनके साथ घर तक गया था, इसलिए उस समय वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। युवक-युवती ने बताया था कि वह नांगल चौधरी के रहने वाले हैं। वे चाणक्य एकेडमी में पढ़ाते हैं।
दूधिया ने भी किया इंकार
किराये पर मकान लेने आए युवक-युवती से जब 14 जून को मिशन सिंह ने पूछा कि मकान के बारे में आपको किसने बताया तो उन्होंने कहा था कि आपके मकान के बारे में दूधिया से पूछा था लेकिन अगले दिन जब मिशन सिंह ने दूधिया से पूछा तो उसे कोई जानकारी दिए जाने की बात से इंकार कर दिया था। उस दिन भी मिशन सिंह को कोई शक नहीं हुआ।
बेटे भी बाहर रहते हैं
मिशन सिंह ने बताया कि उसका बडा बेटा परमवीर सिंह भारतीय सेना में हिसार पोस्टेड है और छोटा बेटा एयर फोर्स में नलिया (गुजरात) में है। वे दोनों परिवार के साथ रहते है। उसे भी काम के लिए बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में उनकी पत्नी घर पर अकेली रहती है। मिशन सिंह ने बताया कि पड़ोस में भी दो पड़ोसियों के चोरी हो चुकी है।