महेंद्रगढ़। श्री सतगुरू सेवा समिति के तत्वावधान में कमला भवन धर्मशाला में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। वृंदावन से आए संत स्वामी श्रीराम प्रपन्नाचार्य ने पूतना, बकासुर और अघासुर के उद्धार की कथाएं सुनाईं। उन्होंने बताया कि कृष्ण और बलराम का नाम संस्कार गुरु गर्गाचार्य ने किया था। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में नाम और संस्कार का विशेष महत्व है। समय पर संस्कार होने से बच्चों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सखाओं के साथ गोसेवा और गोचरण करने का प्रसंग भी सुनाया गया। उन्होंने बताया कि गोसेवा के कारण ही भगवान श्रीकृष्ण को ‘गोपाल’ नाम मिला। कार्यक्रम में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद