गांव बवानियां निवासी 27 वर्षीय युवक नितिन कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। भैयादूज पर्व पर दो बहनों के इकलौते भाई की सड़क हादसे में मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। दो वर्ष पूर्व जब नितिन एक बैंक में बतौर फिल्ड वर्कर तैनात हुुआ तो पिता विनोद कुमार व माता रीना ने भी अपने बेटे के सुनहरे भविष्य के सपने देखने शुरू कर दिए थे। नितिन इस समय रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ दो जिलों में फिल्ड वर्क संभालता था। मृतक के ताऊ रणधीर ने बताया कि मृतक नितिन का पिता निजी वाहनों में चालक की नौकरी कर अपने परिवार का गुजारा करता था। जब बेटा बैंक में नौकरी लगा तो परिवार को भी सहारा मिला था। दोनों बहनें शादीशुदा हैं। गांव बचीनी निवासी सुरेश के साथ अच्छी दोस्ती थी। वीरवार को दोस्त सुरेश कुमार की पत्नी सुमन उसके पास आई तथा उसे कनीना छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद दोनों बाइक पर सवार होकर जब कनीना-महेंद्रगढ़ रोड पर 152 डी से 100 मीटर कनीना की ओर पहुंचे तो ट्रॉला चालक ने गलत ओवरटेक कर बाइक को सीधी टक्कर मार दी। दुर्घटना में 27 वर्षीय नितिन व 24 वर्षीय सुमन दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो रही मां
भैयादूज से पर्व पर दो बहनों के इकलौते भाई की सड़क दुर्घटना में मौत होने के बाद गांव बवानियां में मातम पसर गया। वहीं पिता विनोद व माता रीना इकलौते बेटे की हादसे में मौत के बाद सदमे में हैं। दोनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार व गांव के लोग सांत्वना दे रहे हैं लेकिन नितिन के माता-पिता के आंसू नहीं थम रहे हैं। अचानक हुए इस हादसे से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता रीना बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो रही है।