नारनौल। पिछले कई दिनों से मौसम में आए बदलाव के चलते वायरल, उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या एक बार फिर से बढ़ गई है। आमतौर पर सिविल अस्पताल में एक हजार से 1200 लोगों की ओपीडी प्रतिदिन होती थी लेकिन मौसम में आए बदलाव की वजह से पिछले तीन दिन से ओपीडी का आंकड़ा 1500 तक पहुंच गया है। बच्चे भी वायरल, उल्टी, दस्त की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों की ओपीडी में 50 प्रतिशत बच्चे उल्टी, दस्त से पीड़ित आ रहे हैं। कुछ बच्चों की गंभीर हालत के चलते उनको एडमिट तक किया जा रहा है।
पिछले एक सप्ताह से लगातार मौसम बदल रहा है। कभी तेज बरसात, आंधी आ जाती है तो कभी दिन के समय तेज धूप निकल आती है। इसके चलते लोग ठंडे फ्रिज के पानी का इस्तेमाल कर लेते हैं। इसके चलते बरसात के मौसम में बाहर की वस्तुएं खाने से पेट की समस्या बढ़ रही है। अससे उल्टी व दस्त के केस बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में होने वाली 1500 की ओपीडी में से 500 से अधिक ओपीडी वायरल, उल्टी, दस्त के हैं। इसी प्रकार बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। चिकित्सकों की माने तो यह सब मौसम परिवर्तन के कारण हो रहा है। इन दिनों बारिश हो रही है जिससे पानी गंदा होने की वजह से कई तरह की बीमारियां फैलने का डर बना रहता है।
ये हैं बीमारी के कारण
अगर किसी व्यक्ति को खांसी या जुकाम हो तो वह वायरल बुखार की श्रेणी में आता है। यह एक-दूसरे के संपर्क में भी आने से फैलता है। बारिश के दौरान कई बार पानी पीने लायक नहीं रहता है। इससे उल्टी व दस्त लगने लगते हैं।
दूषित पेयजल बढ़ा रहा बीमारियां
शहर में काफी जगहों पर पेयजल सप्लाई के साथ सीवरेज का गंदा पानी युक्त होकर जाता है जो बीमारियां बढ़ा रहा है। शहर में काफी घरेलू कनेक्शन गंदे पानी की सीवरेज के पास जाते हैं जिसमें बारिश के समय गंदा पानी लीकेज की वजह से पेयजल सप्लाई में मिल जाता है।
ये बरतें सावधानियां
-पानी उबालकर ही पीएं
-अगर घर में कोई वायरल से पीड़ित है, तो वह मॉस्क लगाए।
-बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
-तली हुई वस्तुओं और बाहर के पेय पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
-रेहड़ियों में खुले में कटे हुए फ्रू्ट नहीं खाएं।
मौसम में बदलाव की वजह से उल्टी, दस्त के केस बढ़ रहे हैं। इस तरफ ध्यान जरूरी है। उल्टी, दस्त ज्यादा होने की स्थिति में शरीर में पानी की कमी बन जाती है। ऐसा होने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। बाहर का सामान लेकर नहीं खाये। पानी उबालकर पीये और बच्चों को ओआरएस देते रहे। इससे पानी की कमी पूरी होगी।
-डाॅ. प्रीति, बाल रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, नारनौल।