नारनौल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद भी टीचर द्वारा क्लास में मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी अब सख्ती बरतने जा रहे हैं।
साथ ही हरियाणा के कुछ जिलों इसको लेकर कड़े आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब इसे गंभीरता से ले रहे हैं और जिले के अधिकारियों ने भी इसी के मद्देनजर कक्षा में मोबाइल के इस्तेमाल करने पर तुरंत रोक लगाने की हिदायत जारी कर दी है।
शिक्षा विभाग के निदेशक ने पत्र क्रमांक 1/6-2017- एसीडी(14) दो अगस्त 2017 व 11 जून 2018 के अलावा समय-समय पर कक्षा में मोबाइल का प्रयोग न करने की हिदायतें जारी की है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आदेश दिए जा चुके हैं। बावजूद इसके कुछ टीचर कक्षा में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान पड़ता है। इसके साथ ही उनकी पढ़ाई का भी नुकसान होता है।
यह हैं नियम
नियमानुसार क्लास में टीचर को अपने मोबाइल को वाइब्रेशन मोड पर रखना होता है, ताकि बहुत ही जरूरी होने की स्थिति में फोन पर बात की जा सके। जिले के बहुत से स्कूलों में नियम है कि सुबह के वक्त स्कूल आरंभ होते ही टीचर्स के फोन जमा कर लिए जाते हैं और अवकाश के समय वापस लौटा दिए जाते हैं। फिर भी बहुत से स्कूल अब भी ऐसे हैं, जिनमें नियमों का गंभीरता से पालन नहीं किया जा रहा है।
यह नियम हमारे स्कूल में पहले से ही लागू हैं व सभी अध्यापकों द्वारा इसका पालन किया जा रहा है। केवल टैबलेट से ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है, वही लागू है। बावजूद इसके कोई अध्यापक मोबाइल का प्रयोग करते हुए पाया जाता है तो उसका फोन जब्त कर अवकाश के दौरान लौटा दिया जाता है।
विकास जयदीप, प्राचार्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शहबाजपुर
कक्षा के दौरान मोबाइल का प्रयोग न करें। इस तरह की हिदायत पहले भी सरकार देती आई है, जिसमें कक्षा में मोबाइल के प्रयोग को बंद किया गया है। बावजूद अगर आगे से शिकायत मिलती है तो सख्ती अमल में लाई जाएगी।
संतोष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल।