नारनौल। जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की योजना सहित अनेक योजना चलाई जा रही है, लेकिन इसके बाद भी लिंगानुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। इसकी वजह से जिला महेंद्रगढ़ प्रदेश में भी अंतिम पायदान पर पहुंच गया हैं। समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाले दिनों में लिंगानुपात ओर अधिक खराब हो सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिले में कुछ ऐसे भी गांव है, जहां बीते सात माह में एक भी लड़की ने जन्म नहीं लिया है। हालांकि उन गांवों में लड़कों ने जरूर जन्म लिया है। ऐसे में विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसके लिए विभाग की तरफ से जल्द ही कम लिंगानुपात वाले गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग व सीडीपीओ को बजट दिया जाएगा, ताकि गांवों में गिरते लिंगानुपात में सुधार किया जा सके।
अक्तूबर से कम लिंगानुपात वाले गांवों में किए जाएंगे नुक्कड़ नाटक
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिलेभर में कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद अक्तूबर में उन गांवों में जहां ज्यादा कम लिंगानुपात है, वहां पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बीते वर्ष भी उन गांवों में नुक्कड़ नाटक करवाएं गए थे, जहां लिंगानुपात कम था। इसकी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
जिले के 65 गांव ऐसे जहां 500 से भी कम है लिंगानुपात
महिला एवं बाल विकास विभाग की एक रिपोर्ट से पता चला कि जिला में ऐसे करीब 65 गांव है, जहां जनवरी माह से जुलाई तक 500 से भी कम लिंगानुपात है। ऐसे में अगर समय रहते लोगों को जागरूक नहीं किया गया तो हालात ओर अधिक खराब हो सकते हैं। इन 65 गांवों में ऐसे भी गांव है, जहां 100 से भी कम लिंगानुपात बीते सात माह में दर्ज किया गया है, जो चिंताजनक है।
दो साल में सात जगह भ्रूण जांच गिरोह को स्वास्थ्य विभाग ने पकड़ा
जिले में भ्रूण जांच करने वाले गिरोह पर स्वास्थ्य विभाग की भी पैनी नजर है, लेकिन इसके बावजूद भ्रूण जांच गिरोह सक्रिय है। जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते दो साल में सात जगह छापेमारी कर 28 लोगों पर मामला दर्ज करवाया है। वहीं समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को जागरूक कर रही है।
विभाग की तरफ से उन गांवों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां कम लिंगानुपात है। उसके बाद नुक्कड़ नाटक भी गांवों में करवाए जाएंगे। इसके साथ शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग व सीडीपीओ को बजट जारी किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके।
-संगीता यादव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नारनौल।
जनवरी से जुलाई तक जिले में शून्य लिंगानुपात वाले गांव
गांव लड़की लड़के आबादी
मौसमपुर 00 7 815
मेघोत हाला 00 09 2447
अकबरपुर 00 07 1429
नांलग स्यालू 00 04 1622
मेघनवास 00 06 1754
जिले में बीते दस वर्ष के लिंगानुपात के आंकड़े
वर्ष लिंगानुपात
2014 738
2015 809
2016 847
2017 881
2018 898
2019 916
2020 902
2021 904
2022 907
अगस्त 2023 तक 869