नारनौल। नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। वही अब सीनियर सिटीजन की ओपीडी में तैनात चिकित्सक का भी तबादला मुंडिया खेड़ा कर दिया है। इसकी वजह से बुजुर्गों को ओपीडी के बाहर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वह पहले सीनियर सिटीजन की ओपीडी में आते हैं, उसके बाद वह अन्य ओपीडी के बाहर लाइन लगते हैं। इसके लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
नारनौल के नागरिक अस्पताल में सिनीयर सिटीजन की प्रतिदिन 70 से 80 ओपीडी रहने के बावजूद अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में दूर दराज से आने वाले मरीजों को धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। सीनियर सिटीजन की ओपीडी के पास बैठे पृथ्वीपुरा के सुंडाराम, काठूवास की रमेश देवी और खासपुर के लीलाधर शर्मा ने बताया कि पहले सीधे सीनियर सिटीजन की ओपीडी में आ जाते थे। थोड़ी देर बाद ही नंबर आ जाता था। अब एक जगह से दूसरी जगह ही चक्कर लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही ओपीडी में चिकित्सक को तैनात करना चाहिए।
नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा सीनियर सिटीजन की ओपीडी
नारनौल के नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा सीनियर सिटीजन की ओपीडी में रहती है। अब चिकित्सक नहीं होने से बुजुर्गों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है, अगर वर्ष 2023 की बात करें तो जनवरी से दिसंबर तक 18,414 मरीजों ने ओपीडी में उपचार लिया था। वहीं जनवरी 2024 में तबादले से पहले 710 ओपीडी पहुंच गई थी, लेकिन अब बीते सप्ताह भर से एक भी मरीज को उपचार नहीं मिल रहा है।
शुगर, रक्तचाप, अस्थमा के मरीजाें की रहती है ज्यादा संख्या
नारनौल के नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा शुगर, रक्तचाप और अस्थमा के मरीजों की रहती है। इन मरीजों में ज्यादातर 70 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं। यह मरीज अपने साथ किसी परिजन को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ओपीडी में चिकित्सक नहीं होने से दूसरी ओपीडी के चक्कर लगाना पड़ता है, जो इस उम्र में संभव नहीं होता है।
वर्ष 2023 में इस तरह रही सीनियर सिटीजन की ओपीडी
माह ओपीडी
जनवरी 245
फरवरी 1542
मार्च 1705
अप्रैल 1571
मई 1724
जून 1692
जुलाई 1787
अगस्त 2092
सितंबर 1638
अक्तूबर 1641
नवंबर 1476
दिसंबर 1301
सीनियर सिटीजन में तैनात डॉ. अश्वनी रोहिल्ला का तबादला कर दिया गया है। ऐसे में उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था जल्द ही कर दी जाएगी। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
-डॉ. कंवर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।