नारनौल। नियमितीकरण व अन्य लंबित मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले सोमवार को नागरिक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया।
महेंद्रगढ़ जिले में कार्यरत 580 एनएचएम कर्मियों ने 17 जून 2024 को प्रदेश पदाधिकारी बैठक में हुए निर्णय के पश्चात लंबित मांगो को लेकर काला रिबन लगाकर अपना विरोध प्रकट किया। राज्य कमेटी सदस्य हरकेश ने बताया कि पिछले 5 वर्षो से हरियाणा प्रदेश में कार्यरत एनएचएम के कर्मचारियों की मांगो की अनदेखी सरकार व विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने के लिए वर्ष 2016 में दो बार अधिकारियों के द्वारा मसौदा तैयार किया गया था, जिसे सरकार ने अनदेखा किया है। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री हरियाणा द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के कोविड काल के दौरान किए गए कार्य को देखते हुए 7वें वेतनमान आयोग की सिफारिश लागू करने की मंजूरी दी गई थी। विभाग व अधिकारियों के द्वारा हर बार किसी न किसी प्रकार की अनावश्यक अनापत्तियां लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू नहीं कर रहे हैं। जब भी कर्मचारी मांगों को लेकर सरकार व अधिकारियों से बात करते हैं तो उन्हें केवल एक ही जवाब दिया जाता है कि आज तक कहीं भी एनएचएम कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है।
जिला मंत्री विनोद राव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कई बार अपने विभिन्न पत्राचारों के दौरान एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया गया है। इससे जुड़े सभी दस्तावेज कर्मचारी संघ के द्वारा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं विभाग के अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए हैं। उक्त पत्र की अनुपालना हरियाणा राज्य में आज भी लंबित है। जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि कही न कही अधिकारी सरकार को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं।
संगठन ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी दो जुलाई को सभी सिविल सर्जनों के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को ज्ञापन देंगे। अगर फिर भी सरकार उनकी मांगो को नही मानती है तो 14 जुलाई को एक बड़ी बैठक कर दोलन पर बैठने के लिए विवश होंगे।