नारनौल। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) की टीम ने जून में बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की मूल्यांकन एवं रेटिंग रिपोर्ट 26 सितंबर को जारी कर दी है। इसमें बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज को 100 सीटों की मंजूरी मिल गई है लेकिन स्टाफ की कमी है। बीएएमएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कर्मचारी पर्याप्त नहीं हैं। ये कमी दूर होने के बाद अक्तूबर में एनसीआईएसएम की टीम दौरा करेगी। सबकुछ ठीक मिला तो नीट काउंसिलिंग में शामिल होने की मंजूरी दी जाएगी।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में अगर स्टाफ की भर्ती हो जाती है तो प्रवेश इसी वर्ष शुरू हो जाएंगे अन्यथा अगले साल तक फिर इंतजार करना पड़ेगा। वहीं आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास ने दावा किया कि सभी कमियां दूर कर इसी वर्ष से कक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि पांच साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मेडिकल कॉलेज का उद्धाटन किया था। सरकारी नियमों के मुताबिक दो वर्ष अस्पताल चलाने के बाद ही मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। कोविड काल में इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ। विगत 27 और 28 जून को राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट 27 सितंबर को आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय की ओर से महाविद्यालय की 100 सीटों की मंजूरी दे दी है लेकिन अभी कुछ कमियां सामने आई हैं। इनमें सबसे बड़ी कमी स्टाफ की कमी होना है। वर्तमान में अस्पताल के अंदर 10 गेस्ट चिकित्सक लगे हुए हैं। कम से कम बीएएमएस की प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। रिपोर्ट में दर्शाई गई कमियां पूरी होने के बाद उक्त मेडिकल कॉलेज नीट की काउंसलिंग में शामिल हो सकेगा। उसके बाद ही दाखिला शुरू होगा।
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164 पद हुए स्वीकृत
आयुष विभाग हरियाणा की ओर से बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के लिए 164 पदों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 164 टीचिंग एवं नॉन टीचिंग स्टाफ शामिल रहेंगे। वर्तमान में 62 नियमित तथा 102 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को तैनात करने की अनुमति मिली है। स्टाफ में 14 प्रोफेसर, 17 लेक्चरर, होस्टल वार्डेन दो, असिस्टेंट होस्टल वार्डेन दो तथा अन्य सभी नॉन टीचिंग स्टाफ शामिल हैं।
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विश्वविद्यालय शुरू करेगा प्रवेश प्रक्रिया
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है। अगर मेडिकल कॉलेज को एनसीआईएसएम की ओर से अनुमति मिलती है तो विश्वविद्यालय की ओर से ही प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की जाएगी। विद्यार्थियों को रैंकिंग के अनुसार ही मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलेगा।
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वर्जन:
एनसीआईएसएम की निरीक्षण रिपोर्ट में कुछ कमियां बताई गई हैं। उन कमियों को दूर करने में लगे हैं। अक्तूबर में एनसीआईएसएम की टीम फिर निरीक्षण करेगी। इसी वर्ष कक्षाएं शुरू कराने की संभावना है। स्टाफ के लिए हरियाणा चयन आयोग की ओर से जल्द ही भर्ती की जाएगी। आयुष विभाग इस कार्य में लगा है।- श्रीनिवास, प्राचार्य, बाबा खेतानाथ मेडिकल कॉलेज।