फोटो संख्या: 68 कनीना में शिव महापुराण में कथा का रसपान करवाते हुए कथावाचक हरिदास महाराज--संवा
कनीना। सीताराम शिव मंदिर में 10 दिवसीय शिव महापुराण कथा के छठे दिन राजा दक्ष की पुत्री सती के बारे में प्रसंग सुनाया। कथावाचक हरिदास महाराज ऋषिकेश धाम ने छठे दिन मंगलवार को बताया कि सनातन संस्कृति में देवों के देव महादेव सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले भगवान हैं। ऐसा माना जाता है कि उनके आराधना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते साथ ही सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
उन्होंने बताया कि माता सती के पिता प्रजापति दक्ष भगवान शिव को पसंद नहीं करते थे। माता सती भगवान शिव की पहली पत्नी है वह प्रजापति दक्ष की पुत्री थी। राजा दक्ष ने अपनी तपस्या से भगवती को प्रसन्न किया। इसके बाद माता भगवती ने ही सती के रूप में उनके घर में जन्म लिया। देवी भगवती का रूप होने के कारण सती दक्ष की सभी पुत्री में सबसे अलौकिक थी। सती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थी। उन्हें इस तपस्या का फल भी प्राप्त हुआ और उन्हें शिव पति के रूप में प्राप्त हुए लेकिन राजा दक्ष उन्हें अपनी बेटी के लिए एक योग्य वर नहीं मानते थे यही कारण है कि विवाह के बाद भी शिवजी को जमाई के रूप में राजा दक्ष ने उन्हें कभी नहीं अपनाया। इस दौरान प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह, रामनिवास महाराज, दिनेश प्रधान, रमेश शर्मा, शकुंतला, सरोज, भारती, देवकी, सुनैना, रजवंती मौजूद रहीं।