महेंद्रगढ़। दीवान कॉलोनी में श्रीराम काॅलेज ऑफ एजुकेशन में श्री राधाबल्लभ सेवा परिवार समिति व समस्त भक्तों की ओर से चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन नारद मोह की कथा सुनाई। इस कार्यक्रम के यजमान श्रीराम कॉलेज आफ एजुकेशन के चेयरमैन व कथा प्रबंधक डॉ. सुकेश दीवान एवं बबीता दीवान सपरिवार रहे।
कथा वाचक आचार्य योगेश महाराज ने बताया कि अपनी तपस्या से अप्सराओं और कामदेव को परास्त करने के अभिमान में नाराज मुनि भगवान विष्णु के सामने घमंड भरी बातें करते हैं। नारद के अभिमान को नष्ट करने के लिए भगवान एक काल्पनिक लोक का निर्माण करके वहां की राजकुमारी विश्व मोहिनी का स्वयंवर करवाते हैं। नारद जी विश्व मोहिनी पर मोहित हो जाते हैं और उनसे विवाह करने के लिए नारायण से उनका हरि रूप मांगते हैं। देवऋषि नारद के कथन अनुसार भगवान उन्हें हरी रूप यानी वानर का रूप प्रदान कर देते हैं, जिसके कारण स्वयंवर में उनका मजाक बन जाता है। इसके बाद विश्व मोहनी स्वयंवर की शर्त के मुताबिक भगवान श्री हरि से विवाह कर लेती है। इस बात से नाराज होकर नारद जी अपने इष्ट भगवान नारायण को श्राप देते हैं कि उन्हें भी धरती पर मनुष्य रूप में आना पड़ेगा और वानर ही उनकी सहायता करेंगे। इस अवसर पर वार्ड पार्षद सरिता राठी, संजय राठी, जुगल किशोर, प्रवक्ता अमरसिंह सोनी, सुभाष झूकिया, अधिवक्ता मनीष दीवान, स्वाति दीवान, मक्खनलाल, कमलेश आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।