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Mahendragarh-Narnaul News: 3 एमएम बारिश, फसलों को मिली संजीवनी, आज भी बूंदाबांदी की संभावना

Mon, 30 Jan 2023 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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महेंद्रगढ़ में बारिश में गुजरते लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
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महेंद्रगढ़। पिछले तीन दिनों से जम रहे पाले से परेशान किसानों के लिए रविवार का दिन राहत लेकर आया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर 12 बजे के बाद हल्की बूंदाबंदी शुरू हो गई। किसानों का कहना है कि पाले से फसलों में हुए नुकसान ही कुछ हद तक इस बारिश से रिकवरी भी होगी। रविवार को शनिवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री बढ़कर 4.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 8.5 डिग्री गिरकर 15.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
किसानों के अनुसार इस बारिश से सभी फसलों में पाले से हुए नुकसान की भी 15 से 20 प्रतिशत रिकवरी हो पाएगी। मौसम विभाग द्वारा 31 जनवरी तक हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि पिछले तीन से क्षेत्र में पाला गिर रहा है जिसके चलते महेंद्रगढ़ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। रविवार को सुबह से बादल छाए रहे थे। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हो पाए। करीब 12 बजे से हल्की बूदांबादी शुरू हुई और शाम तक रिमझिम बारिश जारी रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि रविवार को 3 एमएम बारिश दर्ज की गई हैं। एक फरवरी तक मौसम शुष्क और परिवर्तन शील रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभावों के कारण आंशिक बदलवाई और 31 जनवरी तक बारिश की संभावना बनी हुई है। सोमवार व मंगलवार को कोहरा छाने की संभावना बनी रहेगी।
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अधिकतम तापमान रहा 15.1 डिग्री सेल्सियस
जिले में लगातार तीन दिन से पाला गिर रहा था। पाले के कारण ठंड का प्रकोप सुबह-शाम अधिक रहता था। हल्की बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। लेकिन ठंड बढ़ गई है। शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान बढ़ोतरी के साथ 4.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 8.5 डिग्री गिरावट के साथ 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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फसलों के लिए लाभदायक है बारिश
यह बारिश सरसों, गेहूं एवं अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे गेहूं की फसल को सबसे अधिक फायदा होगा। बारिश के बाद अब आगे पाला गिरने की संभावना न के बराबर रहेगी। पाले के चलते गेहूं की बढ़वार व फुटाव रुक गया था जो अब दोबारा रफ्तार पकड़ेगा।
-डॉ. रमेश कुमार, वरिष्ठ संयोजक कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़।
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