नारनौल। कटाई के चलते मंडियों में अभी सरसों की आवक शुरु नहीं हो पाई है। जिसके मंडियां अभी सुनसान पड़ी हैं। बुधवार को नारनौल मंडी में एक ढेरी सरसों की पहुंची थी, लेकिन उक्त अनाज का मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण होने के कारण सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। हालांकि खरीद को लेकर हैफेड व मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर मार्केट कमेटी ने पूरी तैयारी होने का दावा किया है।
जिले में सरसों की कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। कटाई के बाद सरसों की थ्रेशिंग की जानी है। थ्रेशिंग के बाद ही किसान अपनी सरसों को मंडियों में लेकर पहुंचेगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है सप्ताह से दस दिन बाद ही मंडियों में सरसों की आवक जोर पकड़ेगी। हालांकि कुछ किसान अपनी सरसों को बेचने के लिए पहुंचे थे, लेकिन नमी की मात्रा अधिक होने के कारण सरसों की सरकारी खरीद नहीं की गई।
सरकार की घोषणा अनुसार हैफेड द्वारा सरसों की खरीद प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। हालांकि अभी मंडियों में सरसों की आवक शुरु नहीं हुई है, लेकिन फिर भी खरीद एजेंसी अधिकारी मंडियों में बैठने शुरु हो गए हैं। गत सोमवार को हैफेड महाप्रबंधक ने जिले की महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली, नारनौल, नांगल चौधरी आदि अनाज मंडियों को दौरा किया। वहीं खरीद एजेंसी अधिकारियों को खरीद संबंधित जरूरी दिशा निर्देश दिए।
हैफेड ने सरसों की सरकारी खरीद शुरु कर दी है। जिले की सभी मंडियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मगर अभी मंडियों में सरसों की आवक शुरु नहीं हुई है।
-नीरज त्यागी, महाप्रबंधक हैफेड नारनौल