नारनौल। क्षेत्र में सरसों की ज्यादातर बिजाई हो चुकी है। अगर इस समय हल्की बूंदाबांदी भी हो जाती है तो सरसों फसल पर असर पड़ेगा। वहीं मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि बीच-बीच में आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी, जिसकी वजह से किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। जैसे ही वर्तमान मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल जाएगा। दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो जाएगी। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव रात के तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। नारनौल और महेंद्रगढ़ का रात्रि तापमान क्रमश: 16.0 और 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 32.0 और 32. 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
30 तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना
शनिवार को आसमान में बादलवाही होने के बाद रविवार को मौसम साफ रहा। अभी मौसम विभाग की मानें तो 30 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। ऐसे में किसानों को चिंता सताने लगी है। हालांकि मौसम विभाग की तरफ से क्षेत्र में आंशिक बादलवाही होने की बात कही गई है। अगर इस समय बारिश हो जाती है तो जिन किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है, उनके खेत में पपड़ी बनने की संभावना हो जाएगी, जिससे सरसों का बीच अंकुरित होकर जमीन से बाहर नहीं निकलेगा।
2.70 लाख एकड़ में सरसों की बिजाई का अनुमान
कृषि विभाग की ओर से इस बार 2.70 लाख एकड़ में सरसों बिजाई का अनुमान लगाया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में 60 प्रतिशत सरसों की बिजाई हो चुकी है। जिले में 17-18 अक्तूबर के पास बारिश होने के बाद सरसों बिजाई के लिए अनुकूल वातावरण हो गया था, जिससे सरसों के रकबे में बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि कृषि विभाग 2.70 एकड़ सरसों बिजाई का अनुमान लगा रहा है।
क्षेत्र में 60 प्रतिशत तक सरसों की बिजाई हो चुकी है। किसान बादलवाही को देखकर सरसों की बिजाई न रोकें। मौसम विभाग ने पहले केवल आंशिक बादलवाही ही बताई है। वहीं अक्तूबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है। अब सरसों की बिजाई में किसान को देरी नहीं करनी चाहिए।
देवेंद्र सिंह, कृषि उपनिदेशक नारनौल।
क्षेत्र में केवल आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। अभी आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा। किसान चिंतित न होकर लगातार सरसों की बिजाई करते रहें। इस माह में बारिश की संभावना न के बराबर है।
डॉ. चंद्र मोहन मौसम विशेषज्ञ नारनौल।