नांगल चौधरी। दिसंबर में घने कोहरे ने लोगों को सर्दी का पहली बार अहसास करवाया। क्षेत्र में वीरवार को घने कोहरा के साथ हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। बाजारों में दुकानदार अलाव का सहारा लेते हुए नजर आए। सुबह 11 बजे बाद कोहरा छंटने के बाद ही सड़कों पर आवाजाही दिखाई दी। वहीं कोहरा व ठंड सरसों व गेंहू की फसलों के लिए भी लाभकारी माना जा रही है।
बात दें कि आधे से ज्यादा दिसंबर बीत चुका है, लेकिन कड़ाके की ठंड नहीं पड़ रही थी। जिससे लोगों को सर्दी का अहसास नहीं हो रहा था। मगर वीरवार सुबह घना कोहरा देखने को मिला। करीब 11 बजे तक जबरदस्त धुंध छाने से स्कूल जाने वाले बच्चों और कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। कोहरे के कारण सड़कों वाहन रेंगते हुए नजर आए। कोहरा छंटने के बाद सड़कों पर यातायात सामान्य हुआ। सुबह घना कोहरा छाने और मौसम में अपेक्षाकृत ठंड होने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों का मानना है कि मौसम ठंडा रहने से गेहूं व सरसों की फसल को काफी लाभ होगा। नया वर्ष आने के साथ दस्तक दे चुकी सर्दी ने भी धीरे-धीरे अपने पैर पसार लिए हैं।
ठंड को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हिमालय की ओर से आने वाली बर्फीली हवाओं का रुख होने से उत्तरी मैदानी राज्यों पर कड़ाके की ठंड देखने को मिल रही है, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है। उत्तरी बर्फीली हवाओं की ठंड के चलते भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय संपूर्ण इलाके पर कोहरा की सफेद चादर बिछी रही। बुधवार को जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान क्रमश: 21.6 डिग्री सेल्सियस और 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान क्रमश: 5.5 डिग्री सेल्सियस 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वीरवार को नारनौल का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।