महेंद्रगढ़। एनआईए के डाले छापे के बाद महेंद्रगढ़ जिले के 12 से अधिक अपराधी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। अब पुलिस भी इन सभी के आपराधिक रिकॉर्ड का खंगालने में जुट गई है।
बुधवार को एनआईए की ओर से जिले के 12 स्थानों पर दबिश दी थी। इस दौरान संदिग्धों के परिजनों से पूछताछ के साथ-साथ मोबाइल, दस्तावेज सहित अन्य प्रकार के रिकाॅर्ड की जांच की गई थी। एनआईएस के छापे से जिले के सभी संदिग्ध उजागर हो गए हैं। ऐसे में जिला पुलिस भी उनके रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। हालांकि इनमें से चार आरोपी राजस्थान की जेल में बंद हैं।
एक माह से नहीं हुई कोई बातचीत
गांव सुरेहती पिलानिया निवासी रामवीर जाट के चाचा विद्यानंद ने बताया कि पिछले एक माह के दौरान तीन बार टीमें उनके परिवार से पूछताछ कर चुकी है। बुधवार को भी टीम ने परिवार के सदस्यों के मोबाइलों की जांच की थी। तीन घंटे की गई पूछताछ में उन्होंने रामवीर के बारे में जानकारी ली थी। जबकि वह पहले भी कह चुके हैं कि रामवीर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है वह केवल नितिन फौजी से दोस्ती निभाने के चक्कर में इस पचड़े में फंस गया। वारदात से 15 दिन पहले ही वह कोचिंग के लिए जयपुर गया था।
नितिन फौजी के पिता ने नहीं की कोई बातचीत
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के मुख्य आरोपी दौंगड़ा निवासी नितिन फौजी के पिता से जब फोन पर बात की गई तो वह भावुक हो गए तथा कुछ भी बताने से मना कर दिया। पिछले एक माह से नितिन फौजी के घर पर पुलिस का पहरा है। वहीं बुधवार को एनआईए की एक टीम नितिन फौजी की पत्नी को अलवर से लेकर आई थी। टीम द्वारा उसका फोन भी कब्जे में लिया गया था। साथ ही परिवार के मोबाइलों की जांच व कुछ दस्तावेज भी अपने साथ लेकर गई है।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के बाद यह आरोपी आ गए हैं पुलिस के रडार पर
सुखदेव सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी नितिन फौजी दौंगड़ा जाट, भवानी उर्फ रोनी निवासी पहाड़वास व राहुल कौथल खुर्द तथा रामवीर जाट सुरेहती पिलानिया का सीधा कनेक्शन सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्याकांड से है। साथ ही इस मामले में अब कुलदीप राठी निवासी रिवासा, अनुपम सोनी झगड़ोली, जितेंद्र उर्फ सुखा व अमन निवासी पाथेड़ा, पवन उर्फ बाबा व दीपक निवासी गुढ़ा, सुरेंद्र उर्फ चिक्कू मोहनपुर जो इस समय जेल में बंद है। साथ ही अभय सिंह निवासी जाखनी आदि भी पुलिस रडार पर आ गए हैं।