महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में शुक्रवार को विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने जिले के पहले मियावाकी वन का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस परियोजना के लिए विश्वविद्यालय को चुनने के लिए जिला वन विभाग की सराहना की और कहा कि यह राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय में स्थापित पहला मियावाकी वन है। विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव व जिला वन अधिकारी राजकुमार उपस्थित रहे।
प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस आयोजन के सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय परिसर में छोटे भूखंडों पर और मियावाकी वन विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा भी मिलेगा। कुलपति ने पौधरोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल करने का भी सभी से आह्वान किया। विश्वविद्यालय समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ''एक पौधा मां के नाम'' अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी धरती को हरा-भरा करने के लिए हम सभी का सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
जिला पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा नेबताया कि वन विभाग द्वारा हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में किया गया मियावाकी वन सराहनीय कार्य है। जिला वन अधिकारी राजकुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में मियावाकी वन 2.47 एकड़ भूमि में लगाया गया है। इसमें आंवला, नीम, सहजन, पीपल, जकरंडा, पापड़ी, शीशम, सीरस, जामुन सहित 37 प्रकार के 10 हजार पौधे लगाए गए हैं।
कुलपति, समकुलपति, पुलिस अधीक्षक, जिला वन अधिकारी, पाली के सरपंच सहित अन्य लोगों ने पौधरोपण भी किया। आयोजन में जिला प्रशासन की ओर से एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर विश्वविद्यालय के शोध अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार शर्मा, ग्रीन कैंपस क्लीन कैंपस क्लब के संयोजक प्रो. सुरेंद्र सिंह, प्रो. नीलम सांगवान, प्रो. बीरपाल सिंह यादव, डॉ. जितेंद्र, डॉ. मनीष सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, वन विभाग की ओर से रेंज अधिकारी चंद्रगुप्त, नरेंद्र, सज्जन, कृष्ण, राजेश शर्मा झाड़ली, पाली गांव के सरंपच देशराज मौजूद रहे।
फोटो संख्या:61- हकेंवि में मियावाकी वन के उद्घाटन के अवसर पर पौधरोपण करते कुलपति प्रो. टंकेश्वर