महेंद्रगढ़। कबीर पंथी आश्रम के संचालक से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव का जनसंपर्क का काम देख रहे (पीआरओ) समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजेश यादव निवासी मालड़ा और वासुदेव निवासी नांगली निर्वाण जिला झुंझुनू राजस्थान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी राजेश यादव इससे पहले एक पूर्व मंत्री का मीडिया प्रभारी भी था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
कबीर पंथी आश्रम के संचालक एवं माजरा खुर्द निवासी रामदास ने शहर महेंद्रगढ़ थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वासुदेव निवासी नांगली निर्वाण उनके पास ही रहता था। उन्होंने ही वासुदेव को एलएलबी की पढ़ाई करवाई थी। धर्मबीर निवासी मालड़ा सराय उसके पास आता रहता था। धर्मबीर के साथ उसका पैसों का लेनदेन था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह धर्मबीर के रुपये दे चुका था। वासुदेव के खिलाफ वर्ष 2018 में चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज हुआ था। धर्मबीर और राजेश यादव कहते थे कि मुकदमे की पैरवी में उन्होंने काफी पैसे खर्च किए थे। वह ब्याज सहित 22 लाख रुपये मांग रहे हैं, जबकि इन्होंने कोई पैसा नहीं लगाया। वह झूठे आरोप लगा रहे हैं और धमका कर पैसे ऐंठना चाहते हैं।
आरोप है कि 8 फरवरी को राजेश यादव और धर्मबीर ने आश्रम में आकर 22 लाख रुपये मांगे और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं छह एकड़ की जमीन भी उनके नाम करने की बात कही। वर्ष 2010 से सुरेंद्र झूक और अजय झूक के साथ उसका जमीनी विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता ने शक जाहिर किया कि अजय और सुरेंद्र ही धमकी दिलवा रहे हैं और फिरौती मांग रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
राजेश यादव उनका पीआरओ का काम देखता है। वह किस मामले में गिरफ्तार हुआ है इसका जानकारी नहीं है। कोई निजी जीवन में क्या करता है इसकी जानकारी नहीं हो सकती है। पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। - ओम प्रकाश यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री