मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कृष्ण मोहन शर्मा ने शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों व चिकित्सकों की जांच के साथ मरीजों और परिजनों से समस्या के बारे में पूछा। एमएस ने आपातकालीन वार्ड व जच्चा-बच्चा वार्ड का दौरा किया और वहां मिल रही सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी ड्यूटी पर मिले।
नागरिक अस्पताल में कई बार चिकित्सक व कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर नहीं पाते या सो भी जाते हैं। रात के समय कई बार इस तरह की समस्या को लेकर पहले हंगामा भी हो चुका हैं। नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में तो रात के समय कई बार इस तरह की घटना हो जाती है और मरीजों की ठीक प्रकार से देखभाल नहीं होती। नागरिक अस्पताल में रात के समय भी आने वाले मरीजों को सही उपचार मिले व सभी अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से करें, इसी को ध्यान में रखते हुए सुपरिटेंडेंट डॉ. कृष्ण मोहन शर्मा ने रात के साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक पूरे अस्पताल में जांच की। निरीक्षण के दौरान वे सबसे पहले जच्चा-बच्चा वार्ड में गए। वहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को देखा कि वे अपनी ड्यूटी पर तैनात है या नहीं। इसके बाद जच्चा-बच्चा वार्ड में दाखिल महिलाओं से जानकारी लेते हुआ उन्होंने पूछा कि उनके उपचार में किसी प्रकार की कोई कोताही तो नहीं बरती जा रही है। चिकित्सक उन्हें समय-समय पर संभाले रहे है या नहीं। वार्ड में दाखिल महिलाओं ने फिलहाल किसी प्रकार की आपत्ति तो नहीं जताई, परंतु फिर भी मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने तैनात कर्मचारियों को सभी मरीजों की देखभाल सही प्रकार से करने को कहा।
इसके बाद मेडिकल सुपरिटेंडेंट आपातकालीन वार्ड में भी गए और वहां भी उन्होंने सभी कर्मचारियों की जांच की। उन्होंने तैनात कर्मचारियों व चिकित्सकों से कहा कि रात के समय यदि कोई भी परेशान मरीज उपचार के लिए आए तो उसे सही उपचार दे, यह हमारा कर्तव्य नहीं अपितु सेवा भी है। उन्होंने कहा कि रात के समय अगर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी हो जाती है तो वह यही सोचकर नागरिक अस्पताल आता है कि वहां चिकित्सक जरूर मिलेंगे, इसलिए हम सभी आने वाले मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर उपचार करें।
समय- समय पर हाे निरीक्षण तो सुधरे व्यवस्था :
लोगों ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि यदि इसी तरह समय-समय पर निरीक्षण होता रहे तो अस्पताल में काफी सुधार हो सकता है। लोगों ने कहा अब से पहले रात के समय कोई अधिकारी अस्पताल में आता ही नहीं था, जिससे कई बार मरीजों व उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लोगों ने कहा कि इस तरह का निरीक्षण जारी रहना चाहिए जिससे कर्मचारी अपनी ड्यूटी से कोताही न बरतें।