अब जिलावासियों को उपचार के लिए दिल्ली, जयपुर व रोहतक तक का लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। नारनौल में ही आमजन को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। कोरियावास गांव में 725 करोड़ की लागत से बनकर तैयार मेडिकल कॉलेज में अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं अगस्त माह में शुरू हो जाएगी। शुरुआत में मरीजों की देखभाल व उनके उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
एमसीआई (भारतीय चिकित्सा परिषद) के नॉर्म्स पूरे होने पर यहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई की कक्षाएं भी शुरू कर दी जाएगी। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 76 एकड़ में बनने वाली मेडिकल कॉलेज का 23 दिसंबर 2018 को शिलान्यास किया था। इसका निर्माण कार्य सितंबर 2019 में शुरू हुआ था। लेकिन कोरोना काल में इस मेडिकल कॉलेज का कार्य बंद हो गया था।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से रोहतक नहीं करना पड़ेगा रेफर
अब कोरियावास मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद नारनौल के नागरिक अस्पताल से मरीजों को रोहतक रेफर नहीं करना पड़ेगा। नारनौल के नागरिक अस्पताल में सुविधाओं का अभाव होने की वजह से मरीजों को रोहतक रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज रोहतक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में दम तोड़ देता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज शुरू होने से यहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
10 लाख आबादी से अधिक को मिलेगा अच्छा उपचार
जिले में करीब 10 लाख आबादी है। वहीं पड़ोसी राजस्थान से भी नारनौल के सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार के लिए लोग आते हैं। अब कोरियावास मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रोहतक, जयपुर, बहरोड़ व दिल्ली लेकर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं बेहतर उपचार जिले में ही मरीजों को मिल सकेगा।
8 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज परिसर में बनेगा अतिथि सदन
बैजनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट कोलकाता के तत्वावधान में मेडिकल कॉलेज परिसर में 8 करोड़ की लागत से अतिथि सदन का निर्माण किया जाएगा, जिसका शनिवार को शिलान्यास किया गया है। बैजनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट कोलकाता के मैनेजिंग डायरेक्टर गोविंद चौधरी ने बताया कि उनकी संस्था पिछली काफी समय से चैरिटेबल कार्यों से जुड़ी हुई हैं। कोरियावास मेडिकल कॉलेज में भी 100 बेड के भवन का निर्माण करेंगे जो करीब 1 वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। इस पर करीब 8 करोड रुपए की लागत आएगी।
725 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कोरियावास मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवाएं तथा ओपीडी अगस्त माह से शुरू की जाएगी। शुरुआत में मरीजों की देखभाल व उनके उपचार की व्यवस्था की जाएगी। एमसीआई के नॉर्म्स पूरे होने पर यहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई की कक्षाएं भी शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. अभय सिंह यादव, सिंचाई राज्य मंत्री।
कोरियावास मेडिकल कॉलेज के भवन का कार्य पूरा हो चुका है। केवल फर्नीचर की खरीद बकाया है जो जल्द ही पूरी कर दी जाएगी। अगस्त माह में सरकार मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग हैंड ओवर कर लेगी और मेडिकल कॉलेज का कार्य शुरू हो जाएगा।
आदित्य देशवाल, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी रेवाड़ी।
कोरियावास मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य करीब 5 साल पहले शुरू किया गया था। कोविड 19 के दौरान कुछ समय की देरी हुई हैं। अब यह भवन 725 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गया है। केवल फर्नीचर खरीदा जाना है जिसे जल्द ही खरीद कर सरकार के हैंड ओवर कर दिया जाएगा। सरकार अगस्त माह में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर देगी, इससे यहां क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा मिलेगा।
आरके राणा, मैनेजर, अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कंपनी।