महेंद्रगढ़। माता भूरा भवानी मंदिर सिसोठ व शहर के प्राचीन दुर्गा मंदिर में नवरात्र के तीसरे दिन चंद्रघंटा की पूजा की गई। तीसरे दिन मंदिरों में मंदिरों में पहुंचकर पूजन किया।
माता भूरा भवानी मंदिर में नवरात्र के तीसरे दिन माता के तीसरे स्वरूप माता चंद्रघंटा के पूजा की गई। सुबह से समय महंत शक्तिनाथ के सानिध्य में हवन किया गया। ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज ने बताया कि इस बार तृतीय दो दिन होने के कारण रविवार को भी माता चंद्रघंटा देवी की पूजा की जाएगी। माता चंद्रघंटा पार्वती का विवाहित रूप हैं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद मां ने अपने मस्तक पर अर्धचंद्र सजाना शुरू कर दिया था, इसीलिए मां पार्वती को मां चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा शेर पर सवार हैं। वो धर्म का प्रतीक हैं। उनका शरीर चमकीला सुनहरा है। मां चंद्रघंटा अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं। इस दिन माता चंद्रघंटा को गाय का दूध या दूध से बनी मिठाई और खीर का भोग लगाना चाहिए।