संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। महिला पुलिस की प्रभावशाली कार्य प्रणाली के चलते परिवार में उस समय खुशियां लौट आई जब महिला थाना पुलिस ने प्रभावी काउंसिलिंग कर टूट रहे परिवार को पुन: मिलवाया और पति-पत्नी के टूटते रिश्ते को बचाया। महिला थाना पुलिस द्वारा पति-पत्नी के आपसी मन-मुटाव को दूर करते हुए दोनों के बीच दूसरे राउंड की काउंसिलिंग के बाद एक साथ रहने के लिए रजामंद कर लिया। एक पारिवारिक मामले में दोनों पक्षों की सुनकर उन्हें समझाकर दोनों पक्षों की सहमति से उनमें समझौता कराया गया। दोनों पक्षों के बीच होने वाले विवाद की जड़ तक जाकर इसका समाधान पुलिस द्वारा करवाया गया।
पति -पत्नी में छोटी-छोटी बातों पर होता था मनमुटाव
परामर्श और निर्देशन कभी-कभी रिश्तों के लिए संजीवनी साबित होते हैं। कुछ ऐसा ही महिला थाने में आए एक मामले में देखने को मिला। क्षेत्र निवासी एक परिवार में शादी के कुछ समय बाद से ही पति और पत्नी में छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव होने लगा। महिला ने पुलिस से शिकायत करते हुए बताया कि पति और उसके परिवार से अनबन होने के कारण वह परेशान है। उसने बताया कि पति व ससुराल वाले मारपीट करते हैं। साथ ही पति के साथ न रहने की बात भी महिला ने कही। महिला थाना पुलिस ने शिकायत को सुना, पुलिस ने महिला और ससुराल पक्ष को बुलाया। दोनों पक्षों को आपस में बैठाकर बात की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने पति और पत्नी की काउंसलिंग की। इसका असर यह रहा है कि उनके बीच जो गलतफहमियां थीं, जो दूसरी काउंसिलिंग में दूर हो गई और दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए।
अगर किसी भी महिला के खिलाफ कोई अपराध होता है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, मगर कई बार जो विवाद होते हैं वो मामूली बातों पर हो जाते हैं। इसलिए परिवारों को टूटने से बचाने के लिए दोनों पक्षों की काउंसिलिंग करके उनके विवाद को समाप्त करा दिया जाता है।
नितिश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक, महेंद्रगढ़।