बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य की जांच करते गाहड़ा का महेश कुमार व अन्य।
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महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के चिपलून क्षेत्र में भारी बरसात के कारण आई बाढ़ से वहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं तलहटी क्षेत्र के 30 से 40 गांव पूरी तरह डूब गए। नौसेना को जब राज्य सरकार ने सहायता के लिए बुलाया तो नौसेना के कुल 7 टीमें राहत कार्य करने के लिए पहुंची जिसमें 2 समुद्री कमांडो मारकोस, गाहड़ा के महेश कुमार और झज्जर के सोमवीर शामिल रहे। बाढ़ पीड़ितों को लगातार 4 दिन तक खाना, दवाइयां, स्वच्छ पानी आदि उपलब्ध कराया। भारतीय नौसेना ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर कर इनका हौसला बढ़ाया। महेश कुमार ने फोन पर सूचना देकर बताया कि महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के चिपलून क्षेत्र में आई भयंकर बाढ़ के बाद भारतीय नौसेना बचाओ राहत कार्य में जुट गई जिसमें टीम का एक हिस्सा कमाल उमेश कुमार भी थे। उन्होंने बताया कि रात को दो बजे निरंतर राहत कार्य में जुड़े रहे, लोगों ने छतों पर बैठकर भोजन और पानी की राह देख रहे थे। भारतीय सेना के समुद्री कमांडो उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं थे। उन दो दिन बाद जब बाढ़ का पानी कम हुआ तो लोगों को राशन पानी के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई गई। महेश की बहादुरी के फोटो इंडियन नेवी ने इंस्टाग्राम, ट्विटर और वेबसाइट पर अपडेट कर उनका हौसला बढ़ाया है। गांव के सरपंच राजू इंदौरा, बालमुकुंद शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, ज्ञानी, मनेंद्र शर्मा, मंजीत यादव, बंटी पंच, पूर्व बार प्रधान हरिश गाहड़ा सहित अन्य लोगों ने महेश की इस बहादुरी पर गर्व किया है।