नारनौल। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने सोमवार देर रात सिटी थाने में इकनोमी सैल इंचार्ज एवं उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वह शिकायतकर्ता राजपाल सिंह निवासी रामपुरा से अपने ससुर एवं साले को 406 एवं 420 मुकदमे में बाहर निकलवाना चाहता था। राजपाल का मानना है कि उसका ससुर एवं सालाा दोनों निर्दोष हैं जबकि वह स्वयं भी इस मुकदम का आरोपी है। समाचार लिखे जाने तक राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया है।
बता दें कि राजपाल निवासी रामपुरा की सालायली बालादेवी निवासी गांव रसूलपुर अहीर, तह. बुहाना जिला झुंझुनू राजस्थान ने अपने ननदोई राजपाल पर धोखाधड़ी कर 19 लाख रुपये हड़पने और वापस नहीं लौटने का आरोप लगाया था। अगस्त 2019 में अपने ननदोई राजपाल, ससुर रोहतास एवं देवर रणधीर निवासी रसूलपुर अहीर जिला झुंझुनू के खिलाफ अमानत में ख्यानत एवं धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया था। राजपाल की उक्त मामले में गिरफ्तारी हो चुकी थी जबकि उपरोक्त दोनों आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाए थे। राजपाल अभी जमानत पर बाहर आ रहा है। उसका मानना है कि उसका सुसर रोहतास एवं साला रणधीर निर्दोष हैं। वो उनको इस मुकदमें से बाहर निकलवाना चाहता था। इसके लिए उसने इकनोमी सेल इंचार्ज नारनौल देवेंद्र सिंह से बातचीत की। देवेंद्र सिंह ने उसे दोनों को मुकदमें बाहर निकालने के लिए 25-25 हजार रुपये की मांग की। राजपाल ने इसकी शिकायत राज्य चौकसी ब्यूरो रेवाड़ी को सोमवार को दी। तभी राज्य चौकसी ब्यूरो ने एक टीम का गठन किया जिसमें निरीक्षक सुरेश, उप निरीक्षक जयचंद, उप निरीक्षक राजीव कुमार, हवलदार रविंद्र, हवलदार राजीव को शामिल किया गया। पूरी योजना के साथ शिकायत कर्ता दो-दो हजार रुपये के 25 नोट पॉउडर लगाकर दिए। राजपाल ने रात साढ़े आठ बजे सिटी थाने के ऊपर कमरे के अंदर रह रहे देवेंद्र सिंह को दे दिए। इस दौरान उसने टीम को इशारा कर दिया। टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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सालयली ने करवाया था मुकदमा दर्जः
बालादेवी का पति सुरेंद्र कुमार सीमा सुरक्षा बल मे 113 बटालियन मे कार्यरत थे, जो 31 अक्तूबर 2010 को सेवानिवृत हुए थे तथा सेवानिवृत के बाद घर आने के दौरान रास्ता में ट्रेन में ही संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। जिनको ब्रहमपुत्र मेल से न्युकुचविहार से रेवाडी आना था। पति की मौत के बाद ननदोई राजपाल ने बालादेवी का खाता नारनौल एसबीआई तथा स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर, शाखा पचेरी कलां मे खुलवा दिया था। उसने भरोसा दिलवाया था कि पचेरी वाले खाते में उसकी पेंशन आती रहेगी और उसे कोई दिक्कत नहीं होगी। खाता खुलवाते समय दोषी ने उससे दो तीन कागजों व फार्मो पर बैंक पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। बाद में उसने एसबीआई नारनौल बैंक अधिकारी से साज- बाज होकर उपरोक्त बैंक एटीएम अपने पास रख लिया। पति की मृत्यु के बाद काफी दिनों तक डैथ बैनिफिट्स ना मिलने पर जब उसने पता किया तो पता चला कि उसके बैंक खाता स्थित नारनौल में हायर आथोरिटीज द्वारा मुबलिक 6,18,734 रुपये सीबीएस से नारनौल बैंक अकाउंट में डलवा दिया गया है तथा अन्य राशी जो लगभग 13-14 लाख रूपये उसके खातें में डेथ बैनिफिट्स की एवज में जमा हुए थे। दिसंबर 2016 में वह बैंक में जाकर अपनी राशि निकलवाने गई तो पता चला कि उसके खाते में राशि नहीं है। इसके बाद उसने बैंक डिटेल निकलवाई तो काफी समय पहले ही राशि उसके खाते से एटीएम से निकलवाई जा चुकी है।उसने आरोप लगाया था कि 19 लाख रुपये की राशि अलग-अलग समय में ननदोई राजपाल ने निकलवाली थी। इसके अलावा उसकी लड़की निशू की एलआईसी में भी आरोपी ने स्वयं को नोमिनी बनाया हुआ था। जब बाला देवी का इसका पता चला तो उसका इसने विरोध शुरू कर दिया। बाद में ससुर रोहताश एवं देवर रणधीर ने उसको प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वर्तमान में वह अपनी दो लड़कियों के साथ अटेली में रह रही है।
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रात को इकनोमी सैल इंचार्ज देवेंद्र सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उसने यह रिश्वत दो आरोपियों को केस से बाहर निकालने के लिए ली थी।- नवलकिशोर, प्रभारी- राज्य ब्यूरो चौकसी नारनौल