क्लास में शामिल होते हुए बच्चे-अमर उजाला
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नारनौल। लॉकडाउन के दौरान समय का सदुपयोग कराने में निजी स्कूल भी जुट गए हैं। निजी स्कूल बच्चों को व्हाट्सएप व ईमेल के जरिए पाठ्य सामग्री भेज रहे हैं। जिससे की बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। वहीं कुछ स्कूल विभिन्न डिजिटल एप के माध्यम से टीचरों से साथ घर से ही ऑनलाइन बातचीत कर पाठ्य सामग्री व अन्य सुझाव सांझा कर रहे हैं। कक्षा इंजार्च अपने बच्चों के साथ एप के माध्यम से पढ़ाई करवा रहे हैं। बच्चों को यदि किसी प्रकार का संदेह है तो व्हाट्सएप के माध्यम से दूर किया जा रहा है। आरपीएस स्कूल के प्रधानाचार्य बाबुलाल यादव ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने 25 मार्च से लॉकडाउन है। लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसको ध्यान में रखते हुए उनकी स्कूल की तरह ही घर पर पढ़ाई कराने के लिए टाइम टेबल बनाया गया है। सभी अभिभावकों के व्हाट्सएप नंबर पर टाइम टेबल भेजा गया है। अध्यापक अपने घर से ही एक एप के माध्यम से अभिभावकों के पास भेजे गये टाइम टेबल के हिसाब से बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अलग-अलग विषयों के अध्यापक टाइम के हिसाब से एप के माध्यम से पढ़ाई करवा रहे हैं। स्कूल की कोर्डिनेटर राजेश्वरी ने बताया कि बच्चों को घर पर ही एक्टिविटी कराई जा रही है। जिससे बच्चे पेंटिंग व डांस का वीडियों बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप में भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद जब स्कूल खुलेंगे तब इन बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
ऑनलाइन कक्षा के लिए निशुल्क पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
मोहल्ला चौधरीयान स्थित हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में डिजिटल प्लेटफार्म बनाकर छात्रों को घर बैठे शिक्षा ग्रहण करने के लिए काम शुरू कर दिया है। विद्यालय के समस्त स्टॉफ ने छात्र-छात्राओं को ई-लर्निंग के माध्यम से घर बैठे पढ़ाने की योजना बनाई है। विद्यार्थियों को कक्षा क्रम के अनुसार अलग-अलग विषयों को पढ़ाने की व्यवस्था एप द्वारा की गई है। विद्यालय का प्रयास है कि महामारी की विकट समस्या के दौरान विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान न हो। विद्यालय चेयरमैन हितेंद्र शर्मा व निदेशिका संगीता शर्मा ने बताया कि जिन कक्षाओं का पाठ्यक्रम आरंभ हो चुका है, उन्हें रिवाइज किया जा रहा है। इसमें कोई भी विद्यार्थी निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकता है। सभी विद्यार्थियों को संदेश भेजकर लॉकडाउन का पालन करने व घर से बाहर न निकलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विद्यालय के माध्यम से ऑनलाइन कक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू कर दी गई है। कोई भी विद्यार्थी निशुल्क पंजीकरण करवा सकता है।