नारनौल। मकर संक्रांति के बाद से जिला में हाड़ कंपा देने वाली ठंड प्रचंड तेवरों से आगाज किए हुए हैं। इसके चलते क्षेत्र में शीतलहर, शीत दिवस और कोहरे ने शिकंजा कसा हुआ है। हाड़कंपा देने वाली ठंड के चलते जिले की रात्रि एनसीआर हरियाणा में सबसे ठंडी बनी हुई है। बुधवार को नारनौल का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री की गिरावट के साथ 16.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार को दोपहर बाद हल्की धुंधली धूप निकली। जिस कारण लोग दिनभर ठिठुरते रहे।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल करीब दो महीने में लगातार 15-16 कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए मगर मौसम में केवल बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वहीं उत्तरी पर्वतीय इलाकों में भी हल्की बर्फबारी ही हुई। इस प्रकार मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बारिश की गतिविधियां नदारद रही है। इससे लगातार मैदानी राज्यों में सूखी ठंड अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए है। मंगलवार को जिला में नारनौल का रात्रि तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस और महेंद्रगढ़ का 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बुधवार को भी नारनौल का रात्रि तापमान 6 डिग्री पर बना रहा।
सक्रिय मौसम प्रणाली से बदलेगा मौसम
25 जनवरी और 30 जनवरी को एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से इलाके में आंशिक बादलवाही और मौसम में बदलाव के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। जबकि आने वाले चार दिनों तक आमजन को हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। उसके बाद धीरे-धीरे तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी और इस कड़ाके की ठंड से आमजन को राहत के आसार बनेंगे। दोपहर बाद धुंधली धूप से आमजन को थोड़ी राहत जरूर मिलती है, परंतु शाम होते-होते फिर से ठंड अपना रूप दिखाने लगती है। रात्रि होने पर कोहरा और धुंध और सुबह के दौरान कुछ स्थानों पर औंस फुहार के रूप में देखने को मिलती है।