महेंद्रगढ़। पिछले दो सालों से शहर में अवैध रूप से लगे होर्डिंग्स व बैनरों को हटाने के लिए नगरपालिका के जिम्मेदारों ने कोई अभियान तक नहीं चलाया और शहर में होर्डिंग्स व बैनर से बिजली के पोल से लेकर हरे पेड़ लदते गए। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते भावी नेताओं व शिक्षण संस्थानों ने भी होर्डिंग्स व बैनर लगाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर जमकर प्रचार किया। शहर में कोई ऐसा पोल या पेड़ नहीं बचा जहां प्रचार सामग्री न लटकी हो।
नगरपालिका की ओर से शहर में प्रचार के लिए बैनर व होर्डिंग्स लगाने को 18 स्थान निर्धारित किए हैं, लेकिन नपा के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण सार्वजनिक भवनों की दीवारों से लेकर बिजली के पोल व पेड़ों पर होर्डिंग्स की परतें लगातार चढ़ती रही। पिछले पांच सालों के दौरान नपा की ओर से अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों पर किसी भी प्रकार का जुर्माना नहीं किया गया है। साथ ही पिछले दो साल से टेंडर तक नहीं छोड़े गए हैं जिसके चलते नपा के पास इनका कोई रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस समय शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गलियों में होर्डिंग्स की भरमार है।
बिना अनुमति धड़ल्ले से लगाए जा रहे हैं होर्डिंग्स
नगर पालिका ने पूरे शहर में 18 स्थान निर्धारित किए हैं, लेकिन इस समय इन स्थानों पर होर्डिंग लगाने के लिए किसी भी एजेंसी को टेंडर नहीं दिया गया है। वहीं, शहर में लगे स्ट्रीट लाइटों के खंभों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी बिना किसी अनुमति के लगातार होर्डिंग लगाए जाते हैं। इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से न किसी पर जुर्माना लगाया जा रहा है और न ही इन होर्डिंग को हटाने के लिए कोई कार्रवाई की जा रही है।
जल्द ही शहर में अभियान चलाकर अवैध रूप से लगाए गए सभी होर्डिंग्स व बैनरों को हटाया जाएगा। इसके बाद नपा के अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही भविष्य में बिना अनुमति से होर्डिंग्स लगाने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी।
-रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान महेंद्रगढ़।