हकेंवि के भूगोल विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संजीत कुमार के अनुसार महेंद्रगढ़ की मिट्टी में नमी की कमी है। अर्धशुष्क क्षेत्र होने के कारण यहां बारिश भी कम होती है। क्षेत्र में रेतीली मिट्टी पाई जाती है। अरावली क्षेत्र होने से पहाड़ियों के कण भी मिट्टी में शामिल हैं जिससे मिट्टी ज्यादा समय तक संगठित नहीं रह पाती। सूखी और रेतीली मिट्टी जल्दी सूख जाती है। हवा के कारण इसके कण एक स्थान से दूसरे स्थान पर खिसकते रहते हैं। इसी वजह से यहां मिट्टी धंसने की समस्या बन रही है।