नारनौल। अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिक क्लब के रंगमंच पर भगवान नारायण सेवा संस्था द्वारा आयोजित रामलीला में रविवार रात अनुसुइया, गुरु-चेला, सूर्पणखा की नाक काटना, खर-दूषण वध की लीला का मंचन किया गया।
रात रामलीला का शुभारंभ समाजसेवी भगवान दास सैनी व जैन समाज के पूर्व प्रधान पवन जैन द्वारा गणेश पूजन के साथ किया गया। इसके बाद रामलीला के मंचन में जब भगवान राम, लक्ष्मण और सीता पंचवटी के अंदर अपनी कुटिया में बैठे थे, तभी रावण की बहन सूर्पणखा घूमती हुई वहां पहुंची। जंगल में दो सुंदर राजकुमारों को देखकर उन पर मोहित हो जाती है। पहले उसने भगवान राम से शादी करने का प्रस्ताव रखा। राम के इंकार करने पर वह लक्ष्मण की ओर गई और उससे शादी करने की जिद करने लगी। लक्ष्मण के बार-बार इंकार करने पर भी जब नहीं मानी तो लक्ष्मण सूर्पणखा की नाक काट देते हैं। सूर्पणखा कटी नाक लेकर विलाप करती हुई अपने भाई खर-दूषण के पास गईं। खर-दूषण पूरी सेना के साथ पंचवटी में युद्ध करने पहुंचते हैं। जहां राम-लक्ष्मण से उनका भयंकर युद्ध होता है और अंत में खर-दूषण मारे जाते हैं। खर-दूषण की मौत के बाद सूर्पणखा अपने भाई रावण के पास गई और अपनी सारी कहानी रावण को सुनाती हैं। रावण उसी समय समझ जाता है कि अगर खर-दूषण का वध हो गया तो अवश्य ही भगवान ने अवतार ले लिया है।
रामलीला कमेटी के प्रधान मोनू भाटा ने बताया कि रामलीला में भगवान राम का अभिनय नवीन सिंघल, लक्ष्मण का मनोज निर्मल, सीता का संजय प्रजापति, गुरुजी का जगदीश बिल्ला, चेले का वासुदेव सिंघल, सूर्पणखा का देवकी सैनी, खर का जगदीश बिल्ला व दूषण का रुद्र चौधरी ने सुंदर अभिनय किया। इस अवसर पर विजय जैन, प्रेमचंद गुलाटी, बिशन सैनी, शंकर लाल सैनी, रामकिशोर अग्रवाल, विकास बडेसरा व रोहिणी बाजवा आदि मौजूद रहे।