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Mahendragarh-Narnaul News: कनीना हादसा... 23 दिन बाद भी जख्म हरे, 270 बच्चे छोड़ चुके स्कूल

Sat, 04 May 2024 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:67- जीएल स्कूल कनीना में प्रार्थना सभा में उप​स्थित विद्यार्थी--स्रोत--संवाद
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महेंद्रगढ़/कनीना। कनीना के नजदीक गांव उन्हाणी के पास 23 दिन पहले हुए बस हादसे के जख्म आज भी ताजा हैं। इस दर्दनाक बस हादसे के बाद से करीब 270 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। चार गांव तो ऐसे हैं, जहां से पहले करीब 150 बच्चे स्कूल जाते थे, लेकिन अब महज 20 जा रहे हैं।
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11 अप्रैल को उन्हाणी में हुए भीषण सड़क हादसे में छह बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। 34 बच्चे घायल हो गए थे। घायलों में से करीब 12 बच्चे गंभीर हालात में लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। स्कूल से मिली जानकारी के मुताबिक, बस हादसे से पहले स्कूल में कुल 700 विद्यार्थी पंजीकृत थे। वर्तमान में करीब 430 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं।
गांव धनौंदा व खरकड़ा के करीब 40 बच्चों में से एक भी स्कूल नहीं आ रहा है। वहीं झाड़ली से पहले स्कूल में करीब 20 बच्चे जाते थे, जिनमें से चार की हादसे में मौत हो गई थी। यहां से बाकी 16 बच्चों ने अन्य स्कूलों में दाखिला ले लिया है, जबकि कुछ के अभिभावकों ने अभी भी बच्चों को स्कूल भेजना शुरू नहीं किया है। वहीं गांव खेड़ी-तलवाना के 50 बच्चों में से 10वीं व 12वीं के करीब दस बच्चे ही खुद के वाहनों से स्कूल आ रहे हैं।
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मुश्किल से परिवारों को संभाला है, हादसा भूल जाना चाहते हैं...
पांच गांवों के ग्रामीण बस हादसे के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। गांव झाड़ली में एक साथ चार बच्चों की मौत से गांव की गलियों में अब वह रौनक नहीं रह गई है। इस हादसे को लेकर जब अभिभावकों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद बड़ी मुश्किल से अपने परिवारों को संभाला है। वे इस हादसे को बुरे सपने की तरह भूल जाना चाहते हैं। इस हादसे ने दो गांवों के पांच परिवारों को जीवनभर का दर्द दिया है।
अब स्कूल के पास महज 4 बसें, इनमें 2 काॅन्ट्रैक्ट पर
हादसे के बाद विभिन्न टीमों ने जीएल स्कूल के वाहनों की जांच की तो 17 बसें दस साल से अधिक पुरानी और अनफिट मिली थीं। इन वाहनों को रद्द कर दिया गया था। वहीं 22 अप्रैल को स्कूल का चार्ज भी जिला नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद को सौंप दिया गया था। प्रशासन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर स्कूल का संचालन प्रशासनिक निगरानी में करने का निर्णय लिया था। इस समय स्कूल में महज चार बसें ही हैं, जिनमें से दो काॅन्ट्रैक्ट पर ली गई हैं। अब जिला नगर आयुक्त की निगरानी में 30 टीचिंग व 22 नॉन टीचिंग स्टाफ विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।
23 दिन बाद भी स्कूल निदेशक फरार



पुलिस ने बस हादसे के मुख्य आरोपी बस चालक धर्मेंद्र, प्राचार्या दीप्ती राव, सचिव होशियार सिंह, चेयरमैन राजेंद्र सिंह लोढ़ा समेत चालक के साथ बैठकर शराब पीने के चार आरोपियों हरीश, संदीप, भूदेव, नरेश को न्यायिक हिरासत में लिया था। इस मामले में आरोपी स्कूल निदेशक पुलिस की तीन टीमें 23 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी हैं।
सीआईए नारनौल, सीआईए महेंद्रगढ़ व शहर थाना की तीन टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। हादसे के बाद आठ आरोपियों को पकड़कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। जल्द ही आरोपी को काबू किया जाएगा।
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-निरीक्षक सुधीर कुमार, शहर थाना प्रभारी कनीना।

फोटो संख्या:67- जीएल स्कूल कनीना में प्रार्थना सभा में उपस्थित विद्यार्थी--स्रोत--संवाद

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