नारनौल। सिंचाई विभाग लगातार क्षेत्र में जलस्तर में सुधार के लिए प्रयासरत है। इसका असर अब राजस्थान सीमावर्ती गांवों में भी दिखने लगा है। वहीं अनेक गांवों में बंद पड़े ट्यूबवेल भी चलने शुरू हो गए। अब इसी कड़ी में गांव जैलाफ में भी तीन एकड़ में पानी स्टोरेज के लिए जोहड़ बनाया जा रहा है। इससे आसपास के गांवों के जलस्तर में सुधार होगा, वहीं जीव जंतुओं के लिए पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा।
बता दे कि निजामपुर व नांगल चौधरी में लगातार जलस्तर में गिरावट देखी जा रही है। इसकी वजह से निजामपुर व नांगल चौधरी क्षेत्र में करोड़ों की लागत से स्टोरेज टैंक बनाए जा रहे हैं। इसमें बारिश के समय पानी स्टोरेज कर किसानों को खेती करने के लिए भी उपलब्ध हो सकेगा। हालांकि जैलाफ में बन रहे तीन एकड़ में जोहड़ से किसान सिंचाई नहीं कर सकेंगे, लेकिन गिरते जलस्तर में काफी सुधार होगा।
1 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा तीन एकड़ में जोहड़:
अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई विभाग ने 1 करोड़ की लागत से बनने वाले जोहड़ का कार्य शुरू कर दिया है। ऐसे में यह जोहड़ अप्रैल तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद पानी भर दिया जाएगा। इस कार्य का बीते दिनों खोदाई का कार्य भी शुरू हो गया था। अब ग्रामीणों को भी पशुओं व जीव जंतुओं के लिए हमेशा पानी उपलब्ध हो सकेगा।
दोचाना माइनर से पहुंचाया जाएगा पानी
सिंचाई विभाग की तरफ से दोचाना माइनर से पाइप लाइन डाली जाएगी। दोचाना माइनर व जैलाफ तक करीब 1.5 किलोमीटर तक पाइप लाइन डाली जाएगी। इन पाइपों की मोटाई 2 फुट होगी, जिससे समय-समय पर माइनर से पानी भर दिया जाएगा।
जैलाफ में तीन एकड़ में जोहड़ बनाया जाएगा। इसका खोदाई का कार्य शुरू कर दिया है। इस पर करीब 1 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
-राहुल यादव, जेई, सिंचाई विभाग, नारनौल।