फोटो नंबर-23प्रशिक्षण शिविर में भाग लेती महिलाएं। स्त्रोत-स्वयं
नारनौल/नांगल चौधरी। अटल भूजल योजना के तहत नारनौल खंड के 52 गांवों और नांगल चौधरी के 45 गावों में अब जल सहेलियां भूजल स्तर पर निगरानी रखेंगी।
सोमवार को योजना के तहत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय नारनौल और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय नांगल चौधरी में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों से जल सहेलियों, अटल भूजल योजना के सहायक विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मुख्य अतिथि तुषार तांबेकर और रोहित शुक्ला, प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश पतंगे भूजल एक्सपर्ट उपस्थित रहे।
जिला नियोजन प्रबंधन इकाई से तुषार तांबेकर और रोहित शुक्ला, भूजल एक्सपर्ट ने कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों को अटल भूजल योजना और उसके उद्देश्य से अवगत करवाया। भू जल सहेली की जिम्मेदााी और कार्यों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया। इसमें मुख्य रूप से अटल भूजल योजना के प्रति जनजागृति, फील्ड लेवल उपकरण जैसे वाटर लेवल मॉनिटरिंग, रेन गेज डेट कलेक्शन, अटल जल एप, पीजोमीटर साथ ही वाटर फ्लो मीटर (स्मार्ट पंप ऑटोमेशन यूनिट) व सिंचाई पूर्वानुमान के लिए उपग्रह आधारित सिंचाई आसूचना के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने भी अटल भूजल योजना की महत्ता के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही उनके विभाग के अटल भूजल योजना की प्रोत्साहन राशि से किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा की। इस योजना का उद्देश्य चिह्नित गांवों में बहुत ही अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद बताई। प्राथमिकता वाले 7 राज्यों में जनभागीदारी के माध्यम से भूजल प्रबंधन में सुधार लाना है। इसमें प्रदेश के 14 जिले शामिल है। इसमें महेंद्रगढ़ के पांच ब्लॉक के 255 गांव इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर जोगेंद्र यादव, विकास यादव, रीना यादव, अजय सिंह राठौर, तरुण यादव, सुरेंद्र यादव, अंकित गुप्ता सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।