नारननौल। दसलक्षण महापर्व के अंतिम दिन मंगलवार को तीनों जैन मंदिरों भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर व भगवान पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ शुरू हुआ दस लक्षण महापर्व में सुबह सामूहिक अभिषेक शांति धारा नित्य पूजा प्रारंभ हुई। इसे लेकर दिल्ली दरवाजा स्थित भगवान पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में स्वर्ण कलश से प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य गौतम जैन को प्राप्त हुआ।
वहीं, शांतिधारा करने का सौभाग्य दीपक जैन व मनोज जैन को प्राप्त हुआ। इसके उपरांत शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकालकर दस लक्षण पर्व का समापन किया गया। यह भव्य शोभायात्रा नलापुर स्थित भगवान शांतिनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर गर्ल्स आइटीआई, रेस्ट हाउस, भगवान महावीर चौक, महावीर मार्ग, पुल बाजार से भगवान पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर होते हुए प्रेस गली स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में संपन्न हुई। इस शुभ अवसर पर सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य वृषभ जैन, चिराग जैन, विधान जैन व दर्वित जैन को प्राप्त हुआ। दसलक्षण महापर्व के दौरान इन 10 दिनों तक जैन समाज के बहुत लोगों ने 10 दिनों तक बिना कुछ खाए पीए उपवास किया। इनमें दानिश जैन, संदीप जैन पार्षद, चंदा जैन, सुशील जैन, टीना जैन, अनीता जैन व रेखा जैन को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। सोमवार देर शाम तीनों जैन मंदिरों में सामूहिक संगीतमय आरती हुई। उसके उपरांत शांतिनाथ जैन मंदिर में अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन आचार्य मुनि विज्ञान भूषण सागर महाराज के पावन सानिध्य में हुआ। यह प्रतियोगिता अंकुर जैन व यश जैन ने संपन्न करवाई।
वहीं, भगवान पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भजन प्रतियोगिता का आयोजन मध्य प्रदेश से पधारी डॉ. सुषमा दीदी के सानिध्य में हुआ। इस मौके पर सूरज प्रकाश जैन, अजीत प्रकाश जैन, कपिल जैन, सुरेंद्र जैन, ऋषभ जैन, विजय जैन, नरेश जैन, प्रमोद जैन, सुरेंद्र जैन, अंकुर जैन, शुभम जैन, प्रधान राजकुमार जैन उपस्थित थे।