महेंद्रगढ़। सिंचाई विभाग की ओर से महेंद्रगढ़ जिले की दो प्राचीन नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए 24 करोड़ रुपये की दो परियोजनाएं वर्ष 2025 में पूरी कर ली जाएंगी। डार्क जोन में शामिल जिले के अनेक गांवों के लिए सिंचाई विभाग की यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली जवाहरलाल नेहरू कैनाल में बरसात सीजन में मिलने वाले अतिरिक्त पानी को दौहान व कृष्णावती नदियों में छोड़ा जाएगा। विभाग की ओर से आगामी आठ माह के समय में यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी। हालांकि, अभी कृष्णावती नदी में 25 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों परियोजनाओं में 22.4 किलोमीटर की भूमिगत पाइप लाइन को जेएलएन से जोड़कर 150 क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा। करीब 30 से अधिक गांवों में भूमिगत जलस्तर में सुधार होगा।
- 50 वर्षों से लड़ रही हैं दोनों नदियां अस्तित्व की लड़ाई
बता दें कि 50 वर्ष पूर्व राजस्थान प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र से मानसून के सीजन में इन नदियों में पानी आता था। समय के साथ-साथ यह नदियां सूखती गईं। वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार की ओर से इन नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना तैयार की थी। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से बजट तय किया गया। विभाग की ओर से कृष्णावृती नदी में बारिश के अतिरिक्त छोड़े जाने के लिए दो नए प्रोजेक्ट तैयार किए गए। दक्षिण हरियाणा की दो प्रमुख बरसाती नदियां दोहान व कृष्णावती पुनर्जीवित की जाएंगी। पहले इन दोनों नदियों में नीम का थाना के पहाड़ी क्षेत्र से बारिश का पानी आता था। सिंचाई विभाग ने परियोजना पर काम शुरू किया था। मानसून में पानी की मांग कम होने से नहरों को 16 स्थानों पर इन नदियों से जोड़ा गया था। वहीं, जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से बरसात के अतिरिक्त पानी को महेंद्रगढ़ क्षेत्र की दौहान व कृष्णावृती नदी में छोड़ा जा रहा है।
- इन परियोजनाओं पर शुरू हो चुका है काम
वर्तमान में तीन नहरों से पाइपलाइन के माध्यम से कृष्णावती नदी में 25 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। रातां नहर से गांव रातां के समीप, रामबास नहर से गांव मानपुरा के समीप व मोहम्दपुर नहर से गांव गढ़ी से कृष्णावती नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। अब विभाग की ओर दो स्थानों से 150 क्यूसिक अतिरिक्त पानी छोड़ने की योजना तैयार है। इसके लिए नारनौल ब्रांच के एनबी-3 से एनबी-4 से गांव रातां तक करीब 23 करोड़ की लागत से 11.7 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी। वहीं, गांव मानपुरा करीब 30.98 लाख रुपये से लागत से कृष्णावती नदी में बारिश का अतिरिक्त छोड़ा जाएगा, जिसमें करीब 11.7 किलोमीटर की पाइपलाइन डाली जाएगी।
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- वर्जन
जेई दीपक कुमार ने बताया कि दोनों प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। वर्तमान में कृष्णावती नदी में 25 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद कृष्णावती नदी में 150 क्यूसिक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकेगा।
- दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।