महेंद्रगढ़। विज्ञान सभी के लिए खेल, आनंद लें और सीखें के उद्देश्य से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में इनोवेशन हब-सीयूएच साइंस गैलरी की शुरुआत की गई है।
विश्वविद्यालय में यह गैलरी भारतीय भौतिकी शिक्षक परिवार (आईएपीटी), सीडीपीई, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर व सेंटर फोर इनोवेशन इन साइंस टीचिंग सीआईएसटी, आईआईएस जयपुर के सहयोग से शुरू की गई है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक खंड के भूतल में स्थापित इस गैलरी के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि वीजेयू जयपुर के पूर्व कुलपति व सीआईएसटी, आईआईएस जयपुर के निदेशक प्रो. वाईके विजय उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. वाईके विजय ने कहा कि विज्ञान हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है और दैनिक जीवन से लेकर उल्लेखनीय खोज तक, के प्रति युवा पीढ़ी का ध्यान आकर्षित करने और उन्हें नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के प्रयास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस गैलरी के माध्यम से आंगतुकों को खेल-खेल में आंनद लेते हुए विज्ञान के व्यावहारिक ज्ञान को जानने समझने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि आज ही नहीं बल्कि पुरातन काल से ही विज्ञान के सिद्धांत हमारे जीवन में विद्यमान रहे हैं। छोटे-छोटे उदाहरणों व व्यावहारिक मॉडल्स के माध्यम से हम विज्ञान के गूढ़ ज्ञान को सहज ही समझ सकते हैं।
संयोजक प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने सीयूएच साइंस गैलरी की शुरुआत पर कहा कि यह गैलरी विद्यार्थियों को विज्ञान से जोड़ने और तथ्यात्मकता के साथ उसके व्यावहारिक पक्ष को समझने और स्वीकार करने के दिशा में सहयोगी की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इस मौके पर इस गैलरी की शुरुआत में सहयोग देने वाले भारतीय भौतिकी शिक्षक परिवार, सीडीपीई राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर व सेंटर फोर इनोवेशन इन साइंस टीचिंग सीआईएसटी, आईआईएस, जयपुर के प्रो. वाईके विजय व उनके सहयोगी डॉ. कैलाश शर्मा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि इस गैलरी में प्रमुख रूप से एयर ट्रेक, प्लाज्मा स्टेट, डोप्लर इफैक्ट, वोरटेक्स फोर्मेशन आदि से संबंधित मॉडल्स प्रदर्शित किए गए हैं।इस मौके पर शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो.संजीव कुमार, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, प्रो. सुरेंद्र सिंह, प्रो. विनोद कुमार, प्रो.आकाश सक्सेना, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कौशिक, वित्त अधिकारी डॉ. विकास कुमार आदि मौजूद रहे।