नारनौल। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने भारत-चीन के बीच तनाव को लेकर चर्चा की। इस मौके वेलफेेयर ऑफिसर सेेवानिवृत्त कर्नल सतेंद्र कौशल एवं पूर्व मेजर भारत भूषण मुख्य वक्ता रहे।
इस मौके पर सेवानिवृत्त कर्नल सतेंद्र कौशल ने कहा कि जब-जब चीन ने सरहद पर भारत को चुनौती दी, तब-तब भारतीय फौज के सामने उसे मुंह की खानी पड़ी है। 2017 में डोकलाम, 2020 में गलवान और अब 2022 में तवांग, इन सभी मोर्चों से चीन की सेना को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब भारत 1962 वाला नहीं रहा। पहले हम किसी को छेड़ेंगे नहीं और बाद में छोड़ेंगे नहीं। भारत रक्षा के क्षेत्र में काफी आगे निकल गया है। भारत एटॉमिक पावर बन चुका है। हथियार में काफी सुदृढ़ हो चुके हैं। एयर फोर्स, नेवी तथा आर्मी तीनों सेना सक्षम हैं। अगर भारत पर पाकिस्तान एवं चीन दोनों एक साथ आक्रमण करें तो हमारे सैनिक चीन को आगे नहीं बढ़ने देंगे तथा पाकिस्तान के अंदर घुसकर मारेंगे। यानी दोनों देशों को मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।
वहीं पूर्व मेजर भारत भूषण ने कहा कि पिछले आठ दस वर्षों में काफी बदलाव आया है। अब देश में हथियारों में आत्म निर्भर बन रहा है। अब हम पानी का जहाज मॉरिशस को बेच रहे हैं, हेलिकॉप्टर और तेजस जैसे लड़ाकू विमान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना युद्ध क्षेत्र में हमेशा सक्षम रही है। रूस जैसी सुपरपावर कंट्री छह महीने से अधिक समय तक यूक्रेन को नहीं हरा पाया लेकिन भारत ने 1971 में पाकिस्तान युद्ध 16 दिनों में समाप्त कर दिया था। 16 दिसंबर को पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने सरेंडर कर दिया था। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान पहले किसी पर आक्रमण नहीं करता, अगर दुश्मन लड़ेगा तो उसका मुंह तोड़ जवाब देगा। इस मौके पर पूर्व सैनिक रोशनलाल, अतर सिंह, सरदार सिंह, सुरेंद्र सिंह, निहाल सहित अन्य पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
देश हथियारों के क्षेत्र में अच्छा कर रहा है। हमारे देश के पास ऐसा तकनीकी सिनेरियो है कि उसमें फिजिकल गोली नहीं होगी तथा फायर करते ही सामने वाला खत्म हो जाएगा और कोई सबूत भी नहीं रहेगा। इसके अलावा अन्य प्रकार के हथियार भी बनाए जा रहे हैं। - विजय कुमार, पूर्व सैनिक
हमारी की सेना बहुत मजबूत है। देश के छह-छह फुट लंबे सैनिकों के सामने चीन के चार-चार फुट के सैनिक कहीं नहीं टिकते। 1971 में भारत ने पाकिस्तान को 16 दिनों में ही हरा दिया था। उस समय 93 हजार पाकिस्तान सैनिकों को बंदी बना लिया था। - सुबे सिंह, पूर्व सैनिक
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अब पहला वाला भारत नहीं रहा है। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा के क्षेत्र में काफी परिवर्तन आया है। देश हथियारों में आत्म निर्भर बन रहा है। पहले दूसरे देशों से हथियार खरीदते थे अब देश में ही हथियार बन रहे हैं। कुल मिलाकर अगर चीन ने किसी प्रकार की बकवास की तो इस बार उनको छोड़ने वाले नहीं हैं। - प्रताप सिंह, पूर्व सैनिक।
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हमारे सैनिकों में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। हमारे सैनिक मजबूती से बोर्ड पर खड़े हैं। अगर देश को कभी भी हमारी दोबारा जरूरत पड़ी तो हम जाने को तैयार हैं। आज भी हमारे अंदर पहले वाला जज्बा है।- प्रेेम कुमार शर्मा, पूर्व सैनिक।
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पाकिस्तान एवं चीन दोनों बॉर्डर पर छोटी हरकतें करते हैं लेकिन भारतीय सैनिक उनको हमेशा मुंह तोड़ जवाब देेते हैं। आज का भारत आकाश, जल तथा थल तीनों क्षेत्रों में सक्षम हैं। सैनिकों को पहले से बेहतरीन सुविधाएं मिल रही हैं।- सत्यपाल, पूर्व सैनिक।
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भारत हमेशा शांति चाहता है। कभी किसी से लड़ाई नहीं करता। उसके बाद भी चीन एवं पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। चीन को पिछले दो सालों में तीन बार झड़प कर चुका है और तीनों पर उसको पीछे हटना पड़ा है। अगर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो भारत छोड़ेगा नहीं। -जगदीश, पूर्व सैनिक
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पाकिस्तान तो पहले भी और आज भी भारत के सामने नहीं टिकता। 2016 में हमारे सैनिकों ने उनके घर में घुसकर मारा, उसके बाद एयर स्ट्राइक कर उनकी हरकतों का जवाब दिया। अब पहले वाला भारत नहीं रहा। पहले हम छेड़ेंगे नहीं और बाद छोड़ेंगे नहीं। - राजेंद्र, पूर्व सैनिक।